{"_id":"64c8b1fc84b07902fa09e164","slug":"supreme-court-news-and-updates-uddhav-thackeray-faction-ec-shivsena-manipur-godhra-senthil-balaji-2023-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"SC: उद्धव गुट को झटका, EC के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का तत्काल सुनवाई से इनकार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
SC: उद्धव गुट को झटका, EC के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का तत्काल सुनवाई से इनकार
Tue, 01 Aug 2023 12:49 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 01 Aug 2023 12:49 PM IST
सार
चुनाव आयोग ने शिवसेना के नाम के साथ पार्टी का चुनाव चिह्न धनुष-बाण भी शिंदे गुट को आवंटित किया था। वकील अमित आनंद तिवारी ने तत्काल सुनवाई का अनुरोध करते हुए चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष इस मामले का जिक्र किया।
विज्ञापन
उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट से उद्धव ठाकरे के नेतृ्त्व वाली शिवसेना को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता देने के फैसले खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से से इनकार कर दिया है।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने शिवसेना के नाम के साथ पार्टी का चुनाव चिह्न धनुष-बाण भी शिंदे गुट को आवंटित किया था। वकील अमित आनंद तिवारी ने तत्काल सुनवाई का अनुरोध करते हुए चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष इस मामले का जिक्र किया। इस पीठ में जज जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा भी शामिल हैं। पीठ ने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर पर संविधान पीठ के फैसले का इंतजार करें और हम तारीख देंगे।’’
याचिका में दावा किया गया है कि निर्वाचन आयोग ने यह फैसला सुनाकर गलती की कि दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्यता और चुनाव चिह्न आदेश के तहत कार्यवाही अलग-अलग क्षेत्रों में काम करती है और विधायकों की अयोग्यता किसी राजनीतिक दल की सदस्यता की समाप्ति पर आधारित नहीं है। इसमें कहा गया है कि निर्वाचन आयोग ने यह मानकर गलती की कि शिवसेना विभाजित हो गई है।
विज्ञापन
निर्वाचन आयोग ने एकनाथ शिंदे-गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता दी थी और दिवंगत बालासाहेब ठाकरे द्वारा स्थापित पार्टी का चुनाव चिह्न ‘धनुष और बाण’ उसे आवंटित किए जाने का आदेश दिया था।
विज्ञापन
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने शिवसेना के नाम के साथ पार्टी का चुनाव चिह्न धनुष-बाण भी शिंदे गुट को आवंटित किया था। वकील अमित आनंद तिवारी ने तत्काल सुनवाई का अनुरोध करते हुए चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष इस मामले का जिक्र किया। इस पीठ में जज जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा भी शामिल हैं। पीठ ने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर पर संविधान पीठ के फैसले का इंतजार करें और हम तारीख देंगे।’’
विज्ञापन
याचिका में दावा किया गया है कि निर्वाचन आयोग ने यह फैसला सुनाकर गलती की कि दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्यता और चुनाव चिह्न आदेश के तहत कार्यवाही अलग-अलग क्षेत्रों में काम करती है और विधायकों की अयोग्यता किसी राजनीतिक दल की सदस्यता की समाप्ति पर आधारित नहीं है। इसमें कहा गया है कि निर्वाचन आयोग ने यह मानकर गलती की कि शिवसेना विभाजित हो गई है।
विज्ञापन
निर्वाचन आयोग ने एकनाथ शिंदे-गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता दी थी और दिवंगत बालासाहेब ठाकरे द्वारा स्थापित पार्टी का चुनाव चिह्न ‘धनुष और बाण’ उसे आवंटित किए जाने का आदेश दिया था।