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SC: 'हाइकोर्ट जजों पर हर दिन कितना पैसा खर्च हो रहा, उन्हें ये सोचना चाहिए', जस्टिस सूर्यकांत की तल्ख टिप्पणी
Thu, 21 Aug 2025 11:30 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 21 Aug 2025 11:30 AM IST
सार
जस्टिस सूर्य कांत ने कहा कि 'करोड़ों लोग न सिर्फ अपने मामलों पर सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं बल्कि वे हमें याद दिला रहे हैं कि हम न्याय देने के लिए नियुक्त हुए हैं।'
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जस्टिस सूर्यकांत, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
विस्तार
एक कार्यक्रम में बोलते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्य कांत ने कुछ हाईकोर्ट जजों के काम के प्रति समर्पण पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कुछ जज पूरे समर्पण से काम कर रहे हैं और न्याय के पथप्रदर्शक बनकर अपने दायित्वों को निभा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ जज ऐसे हैं, जिनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक है।
'उच्च न्यायालय के जजों को खुद से सवाल पूछने की जरूरत'
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा 'जिन लोगों के समर्पण में कमी है, मैं उनसे एक विनती करना चाहता हूं- जब भी आप रात में सोने के लिए जाएं तो लेटने के बाद तकिए पर अपना सिर रखें तो अपने आप से एक सवाल पूछें कि- मुझ पर जनता का कितना पैसा हर दिन खर्च हो रहा है? जितना लोगों ने मुझ पर विश्वास किया, क्या मैं समाज को उतना लौटा पा रहा हूं?'
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के 'न्याय सभी के लिए' विषय पर आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन में जस्टिस सूर्य कांत ने मामलों के फैसले होने में हो रही देरी, बार-बार सुनवाई स्थगित होने और जटिल मामलों की लंबी सुनवाई पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि 'करोड़ों लोग न सिर्फ अपने मामलों पर सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं बल्कि वे हमें याद दिला रहे हैं कि हम न्याय देने के लिए नियुक्त हुए हैं।' इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई ने की और बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
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ये भी पढ़ें- BS Reddy: विपक्ष के उम्मीदवार रेड्डी आज करेंगे नामांकन, खरगे बोले- उपराष्ट्रपति चुनाव कोई प्रतियोगिता नहीं
समृद्ध लोगों की ही न्याय तक पहुंच पर जताई चिंता
जस्टिस सूर्यकांत ने इस बात पर भी चिंता जाहिर की कि आजकल ऐसा देखा जा रहा है कि जो लोग समृद्ध हैं, उनकी ही न्याय तक पहुंच है। अदालत में इन दिनों सिर्फ वरिष्ठ वकीलों के मामलों पर सुनवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि क्या इस तरह से हम न्याय के उद्देश्य को पूरा कर पा रहे हैं?
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'उच्च न्यायालय के जजों को खुद से सवाल पूछने की जरूरत'
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा 'जिन लोगों के समर्पण में कमी है, मैं उनसे एक विनती करना चाहता हूं- जब भी आप रात में सोने के लिए जाएं तो लेटने के बाद तकिए पर अपना सिर रखें तो अपने आप से एक सवाल पूछें कि- मुझ पर जनता का कितना पैसा हर दिन खर्च हो रहा है? जितना लोगों ने मुझ पर विश्वास किया, क्या मैं समाज को उतना लौटा पा रहा हूं?'
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सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के 'न्याय सभी के लिए' विषय पर आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन में जस्टिस सूर्य कांत ने मामलों के फैसले होने में हो रही देरी, बार-बार सुनवाई स्थगित होने और जटिल मामलों की लंबी सुनवाई पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि 'करोड़ों लोग न सिर्फ अपने मामलों पर सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं बल्कि वे हमें याद दिला रहे हैं कि हम न्याय देने के लिए नियुक्त हुए हैं।' इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई ने की और बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
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समृद्ध लोगों की ही न्याय तक पहुंच पर जताई चिंता
जस्टिस सूर्यकांत ने इस बात पर भी चिंता जाहिर की कि आजकल ऐसा देखा जा रहा है कि जो लोग समृद्ध हैं, उनकी ही न्याय तक पहुंच है। अदालत में इन दिनों सिर्फ वरिष्ठ वकीलों के मामलों पर सुनवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि क्या इस तरह से हम न्याय के उद्देश्य को पूरा कर पा रहे हैं?
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