मुस्लिम महिलाओं ने मांगी मस्जिद में नमाज पढ़ने की इजाजत, सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को नोटिस
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उच्चतम न्यायालय मुस्लिम महिलाओं को नमाज पढ़ने के लिए मस्जिदों में प्रवेश करने की अनुमति देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए मंगलवार को राजी हो गया और उसने केन्द्र को नोटिस जारी किया। उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार, राष्ट्रीय महिला आयोग, सेंट्रल वक्फ काउंसिल और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को नोटिस जारी किया है।
न्यायमूर्ति एस ए बोबड़े और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पीठ ने पुणे के एक दंपती की याचिका पर केन्द्र को जवाब देने का निर्देश दिया। पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील से कहा कि सबरीमला मंदिर मामले में हमारे फैसले की वजह से ही हम इस मामले पर सुनवाई करेंगे।
Supreme Court issues notice to the Centre, National Commission for Women, Central Waqf Council and All India Muslim Personal Law Board on a plea seeking direction that Muslim women be allowed to enter mosques and offer prayers. pic.twitter.com/8sVfy1EtMU
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) April 16, 2019
बता दें कि एक मुस्लिम दंपती ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद में नमाज पढ़ने की इजाजत देने की अनुमति मांगी है। वकील आशतोष दुबे की ओर से दायर इस याचिका में कहा गया कि मुस्लिम महिलाओं पर मस्जिद में जाकर नमाज पढ़ने पर रोक गैरकानूनी और असंवैधानिक है। यह मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
याचिका में कहा गया कि कुरान और हदीस में लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है। इस तरह की परंपरा महिलाओं की गरिमा के भी खिलाफ है। याचिका में कहा गया है कि पुरुषों की तरह महिलाओं का भी इबादत करने का संवैधानिक अधिकार है।
याचिका में कहा गया है कि अभी जमात-ए-इस्लामी और शिया समुदाय के फिरकों में ही मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद में नमाज पढ़ने की इजाजत है जबकि सुन्नी समुदाय के कई फिरको में इसकी मनाही है। यहां तक कि जहां मुस्लिम महिलाओं को नमाज के लिए मस्जिद में जाने की इजाजत है वहां उनके लिए अलग जगह है।
A Pune couple has filed petition in SC seeking to declare prohibition on entry of Muslim women into mosques as 'illegal & unconstitutional'. Zuber, husband says "We requested police to help women who wanted to pray at mosque, but Jamaat didn't allow. We were left with no option." pic.twitter.com/CRoEy7O3R2
— ANI (@ANI) April 16, 2019