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शहाबुद्दीन ने आर्म्स एक्ट में मिली सजा को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती, बिहार सरकार को नोटिस जारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 02 Jul 2018 01:29 PM IST
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मोहम्मद शहाबुद्दीन (फाइल फोटो)
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आरजेडी के पूर्व सांसद और विभिन्न मामलों में जेल की सजा काट रहे बिहार के बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन ने आर्म्स एक्ट में मिली सजा को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। जिसके बाद कोर्ट ने बिहार सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। शहाबुद्दीन ने पटना हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
दरअसल, सीवान के पूर्व एसपी एसके सिंघल पर गोली चलाकर उन्हें जान से मारने के मामले में लोअर कोर्ट ने शहाबुद्दीन को 10 साल की सजा सुनाई थी। इसके अलावा आर्म्स एक्ट के तहत भी उसे 5 साल की सजा सुनाई गई थी। इन दोनों ही मामलों में शहाबुद्दीन ने लोअर कोर्ट के फैसले को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जिसके बाद हाईकोर्ट ने लोअर कोर्ट से शहाबुद्दीन को मिली 10 साल की सजा को रद्द कर दिया था, लेकिन आर्म्स एक्ट के एक मामले में 5 साल की सजा को बरकरार रखा था। हाईकोर्ट के इसी फैसले को शहाबुद्दीन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। शहाबुद्दीन के दो बॉडीगार्ड को भी लोअर कोर्ट ने इस मामले में 10-10 साल की सजा सुनाई थी, लेकिन हाईकोर्ट मे उसे भी रद्द कर दिया था।
बता दें कि साल 1996 के लोकसभा चुनाव में शहाबुद्दीन पर सीवान के एक चुनावी बूथ पर गड़बड़ी फैलाने का आरोप लगा था। जिसके बाद जिले के तत्कालीन एसपी एसके सिंघल उसे गिरफ्तार करने के लिए निकले थे। लेकिन शहाबुद्दीन ने एसपी पर ही गोलियों की बौछार कर दी, जिसके बाद उन्हें अपनी जान बचाकर वहां से भागना पड़ा था। शहाबुद्दीन इस वक्त कई मामलों में अपराधी है और दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।
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दरअसल, सीवान के पूर्व एसपी एसके सिंघल पर गोली चलाकर उन्हें जान से मारने के मामले में लोअर कोर्ट ने शहाबुद्दीन को 10 साल की सजा सुनाई थी। इसके अलावा आर्म्स एक्ट के तहत भी उसे 5 साल की सजा सुनाई गई थी। इन दोनों ही मामलों में शहाबुद्दीन ने लोअर कोर्ट के फैसले को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जिसके बाद हाईकोर्ट ने लोअर कोर्ट से शहाबुद्दीन को मिली 10 साल की सजा को रद्द कर दिया था, लेकिन आर्म्स एक्ट के एक मामले में 5 साल की सजा को बरकरार रखा था। हाईकोर्ट के इसी फैसले को शहाबुद्दीन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। शहाबुद्दीन के दो बॉडीगार्ड को भी लोअर कोर्ट ने इस मामले में 10-10 साल की सजा सुनाई थी, लेकिन हाईकोर्ट मे उसे भी रद्द कर दिया था।
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बता दें कि साल 1996 के लोकसभा चुनाव में शहाबुद्दीन पर सीवान के एक चुनावी बूथ पर गड़बड़ी फैलाने का आरोप लगा था। जिसके बाद जिले के तत्कालीन एसपी एसके सिंघल उसे गिरफ्तार करने के लिए निकले थे। लेकिन शहाबुद्दीन ने एसपी पर ही गोलियों की बौछार कर दी, जिसके बाद उन्हें अपनी जान बचाकर वहां से भागना पड़ा था। शहाबुद्दीन इस वक्त कई मामलों में अपराधी है और दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।
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