फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court Indian Nurse Nimisha Priya in Yemen capital punishment case Justices Vikram Nath division Bench

Nimisha Priya Case: 'निमिषा की फांसी के आदेश को निलंबित करने के लिए बातचीत चल रही', सरकार ने कोर्ट को बताया

Mon, 14 Jul 2025 01:06 PM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Mon, 14 Jul 2025 01:06 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने यमन में हत्या के एक मामले में मौत की सजा का सामना कर रही भारतीय नागरिक निमिषा प्रिया को राजनयिक बातचीत के जरिए बचाने और हस्तक्षेप करने के लिए भारत सरकार को निर्देश देने की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई की। प्रिया के वकील ने कोर्ट को बताया कि उसे बचाने का एकमात्र विकल्प 'ब्लड मनी' समझौता है, बशर्ते मृतक का परिवार इसके लिए तैयार हो।

विज्ञापन
Supreme Court Indian Nurse Nimisha Priya in Yemen capital punishment case Justices Vikram Nath division Bench
सुप्रीम कोर्ट (फाइल) - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें केंद्र को एक भारतीय नर्स को बचाने के लिए राजनयिक माध्यमों का इस्तेमाल करने का निर्देश देने की मांग की गई है। नर्स को यमन में 16 जुलाई को हत्या के आरोप में फांसी दिए जाने की आशंका है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ इस मामले की सुनवाई की। वकील सुभाष चंद्रन केआर ने इस मामले को 10 जुलाई को तत्काल सुनवाई के लिए प्रस्तुत किया था।

विज्ञापन


उन्होंने दलील दी थी कि इस मामले में शरिया कानून के तहत मृतक के परिवार को ब्लड मनी के भुगतान का विकल्प आजमाया जा सकता है। ब्लड मनी का अर्थ उस राशि से है, जिसकी मांग मृतक का परिवार दोषी को माफ करने के बदले दोषी के परिवार से करता है। राशि मिलने पर मृतक का परिवार उसे माफ कर देता है और कानूनन तब उसे रिहा कर दिया जाता है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Air India-Boeing Changes: क्रैश ड्रीमलाइनर के कॉकपिट मॉड्यूल दो बार बदले; बोइंग बोला- ईंधन स्विच लॉक सुरक्षित
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत के अटॉर्नी जनरल (एजीआई) ने कहा कि भारत सरकार प्रिया की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि बातचीत जारी रहने तक प्रिया के मामले को देख रहे सरकारी वकील सहित यमन के अधिकारियों के साथ फांसी के आदेश को निलंबित करने के लिए बातचीत चल रही है। हालांकि, एजीआई ने यह भी स्वीकार किया कि भारत सरकार की हस्तक्षेप करने की क्षमता सीमित है। इसे एक बहुत ही जटिल मुद्दा बताते हुए उन्होंने आगे कहा कि ऐसा कोई तरीका नहीं है, जिससे हम जान सकें कि यमन में क्या हो रहा है।


सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति संदीप मेहता ने गहरी चिंता व्यक्त की और टिप्पणी की कि अगर प्रिया की जान चली जाती है तो यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण होगा। प्रिया के वकील और एजीआई दोनों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार यानी 18 जुलाई को निर्धारित की। पीठ ने अपने आदेश में कहा, 'पक्ष अगली तारीख पर अदालत को मामले की स्थिति से अवगत करा सकते हैं।'

ये भी पढ़ें: CCTV In Railways: यात्रियों की सुरक्षा के लिए 74,000 ट्रेन कोच और 15,000 इंजनों में लगेंगे कैमरे; जानिए मकसद

केरल के पलक्कड़ जिले की 38 वर्षीय नर्स निमिषा प्रिया को 2017 में अपने यमनी व्यापारिक साझेदार की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था। उसे 2020 में मौत की सजा सुनाई गई थी, और उसकी अंतिम अपील 2023 में खारिज कर दी गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed