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Supreme Court: कैंसर पीड़ित आरोपी की जमानत रद्द करने की याचिका पर नाराजगी, ईडी अधिकारी पर एक लाख जुर्माना ठोका
Fri, 28 Oct 2022 10:40 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 28 Oct 2022 10:40 PM IST
सार
पीठ ने कहा कि विभाग को स्टेशनरी, कानूनी शुल्क और अदालत का वक्त बर्बाद करते हुए ऐसी विशेष अनुमति याचिका दायर नहीं करनी चाहिए थी।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : Social Media
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर से पीड़ित एक आरोपी की जमानत रद्द करने का अनुरोध करने वाली याचिका दायर करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की खिंचाई करते हुए कहा कि उसे स्टेशनरी, कानूनी शुल्क और अदालत का वक्त बर्बाद नहीं करना चाहिए। एक निजी बैंक के कर्मचारी को 24 करोड़ रुपये के गबन के मामले में गिरफ्तार किया गया था। न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश की पीठ ने विशेष अनुमति याचिका दायर करने की अनुमति देने वाले अधिकारी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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पीठ ने कहा कि विभाग को स्टेशनरी, कानूनी शुल्क और अदालत का वक्त बर्बाद करते हुए ऐसी विशेष अनुमति याचिका दायर नहीं करनी चाहिए थी। विशेष अनुमति याचिका खारिज की जाती है और यह याचिका दायर करने की अनुमति देने वाले संबंधित अधिकारी पर 1,00,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है जो उसके वेतन से वसूला जाएगा।
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अदालत ने कहा कि विभाग आज से चार सप्ताह के भीतर इस अदालत की पंजी में जुर्माना जमा कराएगा। जुर्माने की 50,000 रुपये की राशि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली को दी जाएगी और 50,000 रुपये मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति उच्चतम न्यायालय को दिए जाएंगे। ईडी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 12 नंवबर 2021 के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। उच्च न्यायालय ने आरोपी को कैंसर से पीड़ित होने के आधार पर जमानत दी थी।
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उच्च न्यायलाय ने कमला नेहरू अस्पताल, प्रयागराज के संबंधित डॉक्टर से याचिकाकर्ता की जांच करने और उसके स्वास्थ्य और कैंसर पर एक रिपोर्ट सौंपने के लिए भी कहा था।