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सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 370 पर सुनवाई, बेटी इल्तिजा को महबूबा से मिलने की इजाजत

Thu, 05 Sep 2019 11:39 AM IST
शिल्पा ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिल्पा ठाकुर Updated Thu, 05 Sep 2019 11:39 AM IST
सार

  • सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 370 से संबंधित विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई की।
  • कोर्ट ने महबूबा मुफ्ती की बेटी को अपनी मां से मिलने की इजाजत दी।
  • श्रीनगर में नजरबंद बीमार माकपा नेता को इलाज के लिए एम्स भेजने के पक्ष में है कोर्ट। 
  • अनुराधा भसीन की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया है।

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Supreme Court hears petition on article 370 allows daughter of Mehbooba to meet her mother
इल्तिजा मुफ्ती - फोटो : File Photo

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट में आज अनुच्छेद 370 से संबंधित विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई हुई है। इस दौरान कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा को निजी तौर पर चेन्नई से श्रीनगर जाकर अपनी मां से मिलने की इजाजत दे दी। हालांकि कोर्ट ने ये भी कहा कि वह श्रीनगर के अन्य हिस्सों में जा सकती हैं और जरूरत पड़ने पर अधिकारियों से पूर्व में अनुमति लेनी होगी।

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महबूबा मुफ्ती की बेटी को मिली मिलने की इजाजत

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति ए एस बोबडे और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पीठ से पीडीपी प्रमुख की बेटी इल्तिजा ने कहा कि उसे श्रीनगर जाने में कोई दिक्कत नहीं है परंतु वह शहर में अपनी मर्जी से कहीं आ जा नहीं सकती। इसके बाद पीठ ने इल्तिजा को श्रीनगर जाने और अपनी मां से मुलाकात करने की अनुमति प्रदान कर दी। लेकिन उसके श्रीनगर के दूसरे हिस्सों में जाने के बारे में न्यायालय ने कहा कि वह जिला प्रशासन से अनुमति मिलने पर ही ऐसा कर सकती है।

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अपनी याचिका में इल्तिजा ने कहा था कि वह अपनी मां की सेहत को लेकर चिंतित है क्योंकि एक महीने से उसकी मुलाकात अपनी मां से नहीं हुई है।

इल्तिजा की ओर से याचिका दायर करने वाली अधिवक्ता नित्या रामकृष्णन जब अपनी दलीलें रख रहीं थी तभी अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल और सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि महबूबा की मां गुलशन आरा और बहन रूबैया सईद ने 29 अगस्त को उनसे मुलाकात की थी। जिला अधिकारी की अनुमति से उन्होंने दुबारा भी मुलाकात की थी। सालिसीटर जनरल ने कहा कि इस याचिका का यह मकसद नहीं है बल्कि कुछ और ही है।
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कुछ मिनट की सुनवाई के बाद पीठ ने कहा कि इल्तिजा को श्रीनगर जाने और अपनी मां से मुलाकात की इजाजत दी जा सकती है क्योंकि इसमें कोई दिक्कत नहीं है। बता दें कि महबूबा को श्रीनगर में राजभवन के निकट चश्मेशाही के परिसर में नजरबंद रखा गया है।


माकपा नेता तारिगामी को श्रीनगर से एम्स स्थानांतरित करने का आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने माकपा नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी को श्रीनगर से दिल्ली के एम्स में भर्ती कराने का आदेश दिया। तारिगामी श्रीनगर में अपने घर में नजरबंद हैं। सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वह पूर्व माकपा विधायक तारिगामी को यहां एम्स में स्थानांतरित करने के पक्ष में है। इस पर येचुरी ने पीठ को बताया कि अगर तारिगामी को बेहतर इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया जाता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले येचुरी को अपनी पार्टी के बीमार चल रहे सहयोगी तारिगामी से मिलने के लिए जम्मू कश्मीर जाने की अनुमति दी थी। तारिगामी जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद से नजरबंद हैं।

भसीन की याचिका पर आदेश देने से इनकार

कोर्ट ने कश्मीर टाइम्स की एग्जीक्यूटिव एडिटर अनुराधा भसीन की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया है। साथ ही आज कोई भी आदेश देने से इनकार कर दिया है। इससे पहले अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कोर्ट से कहा था, "स्थिति में सुधार हुआ है। 80 फीसदी से ज्यादा लैंडलाइन कनेक्शन बहाल कर दिए गए हैं।" 

कोर्ट ने कहा कि वह सारी याचिकाओं को 16 सितंबर को सुनवाई करेगा। 

घाटी से लौटे छात्र के हलफनामे पर संज्ञान

वहीं कश्मीर घाटी में अपने परिवार से मुलाकात के बाद हाल ही में लौटे कानून के छात्र द्वारा दायर हलफनामे का बृहस्पतिवार को संज्ञान लिया और कहा कि इसमें उठाए गये सभी मुद्दों पर 16 सितंबर को विचार किया जाएगा। पीठ ने 28 अगस्त को जामिया मिलिया इस्लामिया से कानून की पढ़ाई कर रहे मोहम्मद अलीम सईद को घाटी के अनंतनाग जिले में अपने माता पिता से मिलने की इजाजत देने के साथ ही लौटने पर उसे एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था।



इस छात्र की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े ने न्यायालय के निर्देशानुसार हलफनामा सीलबंद लिफाफे में पीठ के समक्ष पेश किया। पीठ ने कहा कि हमने आपके हलफनामे का अवलोकन किया है। हम इसमे उठाये गये सभी मुद्दों पर 16 सितंबर को विचार करेंगे। 
 

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