{"_id":"60e064bb8ebc3e72db02a7ba","slug":"supreme-court-hearing-on-july-5-on-review-petition-against-order-refusing-to-remove-26-verses-from-quran","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट: कुरान से 26 आयतें हटाने से इनकार के आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका पर 5 जुलाई को सुनवाई","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सुप्रीम कोर्ट: कुरान से 26 आयतें हटाने से इनकार के आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका पर 5 जुलाई को सुनवाई
Sat, 03 Jul 2021 06:53 PM IST
योगेश साहू
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली।
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Sat, 03 Jul 2021 06:53 PM IST
सार
कुरान से 26 आयतों को हटाने से इनकार करने के फैसले के खिलाफ उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी ने अब सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है। याचिका पर सुप्रीम कोर्ट पांच जुलाई को विचार करेगा।
विज्ञापन
सर्वोच्च न्यायालय
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कुरान से 26 आयतों को हटाने से इनकार करने के फैसले के खिलाफ उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी ने अब सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है। याचिका पर सुप्रीम कोर्ट पांच जुलाई को विचार करेगा।
विज्ञापन
रिजवी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट को अपने 12 अप्रैल के आदेश पर पुनर्विचार करना चाहिए, क्योंकि कोर्ट ने बहुत महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज कर दिया है। साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मसला होने के बावजूद कोर्ट ने इस पर गौर नहीं किया। रिजवी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाए गए 50 हजार रुपये के जुर्माने के आदेश को भी वापस लेने की मांग की है।
विज्ञापन
12 अप्रैल को जस्टिस आर एफ नरीमन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने अपने आदेश में न केवल रिजवी की याचिका को खारिज किया था, बल्कि उन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को 'तुच्छ याचिका' करार दिया था।
विज्ञापन
रिजवी का कहना था कि कुरान की 26 आयत आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली हैं, इसलिए इसे पवित्र कुरान से हटाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि इन आयतों में गैर मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा और उनकी हत्या के लिए प्रेरित करने वाली बातें हैं। मदरसों में इनकी शिक्षा दी जाती है, लिहाजा इन पर रोक लगनी चाहिए।
इन 26 आयतों की इन दिनों गलत तरीके से व्याख्या की जा रही है। इनका हवाला देकर इंसानियत के मूल सिद्धांतों की अवहेलना और धर्म के नाम पर घृणा व नफरत फैलाई जा रही है। खून खराबा हो रहा है। इससे देश की एकता व अखंडता पर खतरा है। रिजवी ने अपनी पुनर्विचार याचिका में कहा है कि जब से उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है तब से उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है।