{"_id":"67d90a8532dbf6903d0c1004","slug":"supreme-court-hear-on-15-april-over-high-court-judge-vs-lokpal-case-2025-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"SC: लोकपाल, हाईकोर्ट जज के खिलाफ सुनवाई कर सकते हैं या नहीं? सुप्रीम कोर्ट 15 अप्रैल को करेगा सुनवाई","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
SC: लोकपाल, हाईकोर्ट जज के खिलाफ सुनवाई कर सकते हैं या नहीं? सुप्रीम कोर्ट 15 अप्रैल को करेगा सुनवाई
Tue, 18 Mar 2025 11:54 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 18 Mar 2025 11:54 AM IST
सार
27 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाले लोकपाल ने अपने आदेश में कहा कि लोकपाल एक्ट के तहत उच्च न्यायालय के न्यायाधीश भी लोकपाल के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। लोकपाल ने यह टिप्पणी एक शिकायत पर सुनवाई करते हुए की।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : एएनआई (फाइल)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उच्च न्यायालय के जज के खिलाफ शिकायत पर लोकपाल के सुनवाई करने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट 15 अप्रैल को सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट स्वतः संज्ञान लेकर इस मामले पर सुनवाई कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार को इस मामले में न्यायमित्र नियुक्त किया है। इससे पहली सुनवाई में जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस अभय ओक की पीठ ने सुनवाई के दौरान लोकपाल के उच्च न्यायालय के जज के खिलाफ शिकायत सुनने पर नाराजगी जताई और इसे बेहद परेशान करने वाली बात बताया। पीठ ने उन न्यायाधीश के नाम का खुलासा करने पर भी रोक लगा दी है, जिनके खिलाफ लोकपाल ने शिकायत सुनी।
क्या है पूरा मामला
दरअसल बीती 27 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाले लोकपाल ने अपने आदेश में कहा कि लोकपाल एक्ट के तहत उच्च न्यायालय के न्यायाधीश भी लोकपाल के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। लोकपाल ने यह टिप्पणी एक शिकायत पर सुनवाई करते हुए की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एक निजी कंपनी से जुड़े मामले में उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश ने अतिरिक्त जिला जज और एक अन्य उच्च न्यायालय के जज को प्रभावित करने की कोशिश की। लोकपाल ने देश के मुख्य न्यायाधीश से इसे स्पष्ट करने की मांग की थी।
ये भी पढ़ें- Supreme Court: जस्टिस जॉयमाल्या बागची बने सुप्रीम कोर्ट के जज, शीर्ष अदालत में अब 33 न्यायाधीश, एक पद रिक्त
विज्ञापन
सुनवाई में क्या हुआ
लोकपाल से जज की शिकायत करने वाला शिकायतकर्ता भी आज पीठ के समक्ष पेश हुआ और अपना लिखित सबमिशन सौंपा। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और बीएच मार्लापल्ले लोकपाल के अधिकारक्षेत्र के खिलाफ सुनवाई के दौरान दलीलें पेश करेंगे। तुषार मेहता ने कहा कि उच्च न्यायालय के जज के खिलाफ शिकायत पर सुनवाई करना लोकपाल के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है और सिर्फ लोकपाल कानून के एक सेक्शन की जांच करने की जरूरत है। पीठ का कहना है कि उच्च न्यायालय के जज संवैधानिक शक्ति हैं और लोकपाल उनके खिलाफ शिकायत नहीं सुन सकते।
ये भी पढ़ें- Supreme Court: 'हमें अपनी संस्थाओं पर भरोसा रखना होगा'; सीएजी नियुक्ति प्रक्रिया पर बोला सुप्रीम कोर्ट
संबंधित वीडियो
विज्ञापन
क्या है पूरा मामला
दरअसल बीती 27 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाले लोकपाल ने अपने आदेश में कहा कि लोकपाल एक्ट के तहत उच्च न्यायालय के न्यायाधीश भी लोकपाल के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। लोकपाल ने यह टिप्पणी एक शिकायत पर सुनवाई करते हुए की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एक निजी कंपनी से जुड़े मामले में उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश ने अतिरिक्त जिला जज और एक अन्य उच्च न्यायालय के जज को प्रभावित करने की कोशिश की। लोकपाल ने देश के मुख्य न्यायाधीश से इसे स्पष्ट करने की मांग की थी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Supreme Court: जस्टिस जॉयमाल्या बागची बने सुप्रीम कोर्ट के जज, शीर्ष अदालत में अब 33 न्यायाधीश, एक पद रिक्त
विज्ञापन
सुनवाई में क्या हुआ
लोकपाल से जज की शिकायत करने वाला शिकायतकर्ता भी आज पीठ के समक्ष पेश हुआ और अपना लिखित सबमिशन सौंपा। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और बीएच मार्लापल्ले लोकपाल के अधिकारक्षेत्र के खिलाफ सुनवाई के दौरान दलीलें पेश करेंगे। तुषार मेहता ने कहा कि उच्च न्यायालय के जज के खिलाफ शिकायत पर सुनवाई करना लोकपाल के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है और सिर्फ लोकपाल कानून के एक सेक्शन की जांच करने की जरूरत है। पीठ का कहना है कि उच्च न्यायालय के जज संवैधानिक शक्ति हैं और लोकपाल उनके खिलाफ शिकायत नहीं सुन सकते।
ये भी पढ़ें- Supreme Court: 'हमें अपनी संस्थाओं पर भरोसा रखना होगा'; सीएजी नियुक्ति प्रक्रिया पर बोला सुप्रीम कोर्ट
संबंधित वीडियो