{"_id":"5be91096bdec22693f5f6ac3","slug":"supreme-court-has-rejected-plea-in-connection-with-ram-janmabhoomi-babri-masjid-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"अयोध्या मामले में जल्द सुनवाई से इनकार, सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू महासभा की याचिका ठुकराई","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अयोध्या मामले में जल्द सुनवाई से इनकार, सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू महासभा की याचिका ठुकराई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 12 Nov 2018 11:03 AM IST
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
विज्ञापन
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : PTI
सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में सोमवार को याचिकाओं पर शीघ्र सुनवाई से इनकार कर दिया है।
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
Supreme Court has rejected plea seeking early hearing in Ayodhya title suit in connection with Ram Janmabhoomi Babri Masjid case. pic.twitter.com/JHRmEqtdU6
— ANI (@ANI) November 12, 2018
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ ने कहा कि उसने पहले ही अपीलों को जनवरी में उचित पीठ के पास सूचीबद्ध कर दिया है।
अखिल भारतीय हिंदू महासभा की ओर से शीघ्र सुनवाई के संबंध में अधिवक्ता बरूण कुमार के अनुरोध को खारिज करते हुए पीठ ने कहा, 'हमने आदेश पहले ही दे दिया है। अपील पर जनवरी में सुनवाई होगी। अनुमति ठुकराई जाती है।'
बता दें इससे पहले अयोध्या राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई जनवरी तक के लिए टाल दी थी और कहा था कि मामले पर नियमित सुनवाई पर फैसला भी अब जनवरी में ही होगा।
मामले पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सैयद गैयूरुल हसन रिजवी का कहना है कि विवादित स्थान पर राम मंदिर बनना चाहिए ताकि देश का मुसलमान सुकून, सुरक्षा और सम्मान के साथ रह सके। उन्होंने आगे कहा कि देश में शांति और भाईचारा मजबूत हो सके इसके लिए कोर्ट को जल्द फैसला करना चाहिए।
गौरतलब है कि अयोध्या मामले पर कुछ मुस्लिम संगठनों ने आयोग को एप्लीकेशन दी है। साथ ही इस मामले में आयोग से पहल करने की भी मांग की है। इन एप्लीकेशन पर आयोग 14 नवंबर को होने वाली मासिक बैठक में विचार करेगा। जिसके बाद आयोग सुप्रीम कोर्ट से मामले पर जल्द सुनवाई करने को भी कहेगा।