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Hindi News ›   India News ›   Supreme Court: Gujarat High Court will review the petition against the redevelopment of Sabarmati Ashram Update

सुप्रीम कोर्ट: साबरमती आश्रम के पुनर्विकास के खिलाफ याचिका पर गुजरात हाईकोर्ट करेगा पुनर्विचार, याचिका वापस भेजी

Fri, 01 Apr 2022 08:01 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Fri, 01 Apr 2022 08:01 PM IST
सार

याचिकाकर्ता की वकील इंदिरा जयसिंह और गुजरात सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सहमति व्यक्त की कि मामले को हाईकोर्ट में वापस भेजा जा सकता है। 

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Supreme Court: Gujarat High Court will review the petition against the redevelopment of Sabarmati Ashram Update
सुप्रीम कोर्ट (फाइल) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को गुजरात हाईकोर्ट से कहा कि वह महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी की उस याचिका पर फिर से विचार करे, जिसमें अहमदाबाद में साबरमती आश्रम और आसपास के इलाकों के पुनर्विकास के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती दी गई है। इस पुनर्विकास की अनुमानित लागत 1200 करोड़ रुपये है। 

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जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने हाईकोर्ट के 25 नवंबर, 2021 के आदेश को खारिज कर दिया और मामले को फिर से हाईकोर्ट भेजते हुए मेरिट के आधार पर इस पर निर्णय लेने को कहा। याचिकाकर्ता की वकील इंदिरा जयसिंह और गुजरात सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सहमति व्यक्त की कि मामले को हाईकोर्ट में वापस भेजा जा सकता है। 
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मेहता ने तर्क दिया कि राज्य सरकार हाईकोर्ट के समक्ष एक लिखित जवाब दाखिल करेगी जो याचिकाकर्ता द्वारा सभी असत्यापित आशंकाओं को दूर कर देगी। इरादा महात्मा गांधी की पवित्रता को बनाए रखने और संरक्षित करने का है। महात्मा गांधी के आश्रम का क्षेत्रफल केवल पांच एकड़ है लेकिन वास्तविक आश्रम भूमि 300 एकड़ की है। उन्होंने कहा, पांच एकड़ भूमि को छुआ नहीं जाना है, केवल दो-तिहाई इमारतें जो खराब अवस्था में हैं, उन्हें पुनर्निर्माण की आवश्यकता है। कई ऐसे अतिक्रमण हैं जिन्हें हटाया जाना चाहिए।
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जयसिंह ने कहा, पुनर्विकास कार्य ट्रस्टों के अंतर्गत होना चाहिए। इनमें राष्ट्रीय गांधी स्मारक निधि, साबरमती आश्रम संरक्षण और स्मारक ट्रस्ट, खादी ग्रामोद्योग प्रयोग समिति, हरिजन आश्रम ट्रस्ट, साबरमती आश्रम गोशाला ट्रस्ट, हरिजन सेवक आदि ट्रस्ट शामिल हैं। जयसिंह ने कहा, इस मामले में इन ट्रस्टों के पक्ष को रिकॉर्ड में लिया जाना चाहिए।


हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया था 
हाईकोर्ट ने उद्योग और खान विभाग के 5 मार्च, 2021 के उस आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया था जिसके द्वारा गांधी आश्रम स्मारक के व्यापक विकास के उद्देश्य से एक शासी और कार्यकारी परिषद का गठन किया गया था। याचिका में दावा किया गया है कि आश्रम को ‘विश्व स्तरीय संग्रहालय’ और ‘पर्यटन स्थल’ में बदलने के लिए इसे फिर से डिजाइन और पुनर्विकास करने का निर्णय महात्मा गांधी की व्यक्तिगत इच्छाओं के विपरीत है। 

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