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Supreme Court: तीस्ता सीतलवाड़ को नियमित जमानत मिली, गुजरात दंगों से जुड़े मामले में सबूत गढ़ने का है आरोप
Wed, 19 Jul 2023 04:28 PM IST
कुमार विवेक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Wed, 19 Jul 2023 04:28 PM IST
सार
Supreme Court: अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि जमानत के दौरान सीतलवाड़ का पासपोर्ट निचली अदालत में जमा रहेगा। वह गवाहों को प्रभावित करने का कोई प्रयास नहीं करेंगी और उन गवाहों से दूर रहेंगी जो ज्यादातर गुजरात में हैं।
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तीस्ता सीतलवाड़
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने 2002 के गुजरात दंगों के मामलों में कथित तौर पर सबूत गढ़ने के मामले में दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में तीस्ता सीतलवाड़ को बुधवार को नियमित जमानत दे दी। शीर्ष अदालत ने उन्हें जमानत देने से इनकार करने के गुजरात उच्च न्यायालय के आदेश को रद्द कर दिया।
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अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि जमानत के दौरान सीतलवाड़ का पासपोर्ट निचली अदालत में जमा रहेगा। वह गवाहों को प्रभावित करने का कोई प्रयास नहीं करेंगी और उन गवाहों से दूर रहेंगी जो ज्यादातर गुजरात में हैं। यदि वह इस शर्त का उल्लंघन करती पाई जाती है, तो अदालत ने गुजरात पुलिस को शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाकर जमानत रद्द करने की मांग करने की अनुमति दी।
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शीर्ष अदालत ने पिछले साल दो सितंबर को उन्हें इस आधार पर अंतरिम जमानत दी थी कि वह एक महिला हैं और यह मामला 2002 से संबंधित है और इसके ज्यादातर साक्ष्य दस्तावेजी हैं। ये शर्तें आज भी प्रासंगिक पाई गईं और इसलिए अदालत ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर की।
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पिछले साल 25 जून को सीतलवाड़ को गुजरात के पूर्व पुलिस महानिदेशक आरबी श्रीकुमार और पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट के साथ अहमदाबाद अपराध शाखा की ओर से 2002 के गुजरात दंगों के मामले में कथित तौर पर सबूत गढ़ने के लिए दर्ज एक मामले में हिरासत में लिया गया था।
एक सत्र अदालत ने 30 जुलाई को सीतलवाड़ और श्रीकुमार की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि उनकी रिहाई से गलत काम करने वालों को यह संदेश जाएगा कि कोई व्यक्ति बिना किसी सजा के आरोप लगा सकता है और बच सकता है। उच्च न्यायालय की ओर से उनकी याचिका पर विचार करने से इनकार करने के बाद उन्होंने अंतरिम जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट (एससी) का रुख किया था।