मालेगांव ब्लास्ट केसः सुप्रीम कोर्ट से कर्नल पुरोहित को राहत, 9 साल बाद मिली जमानत
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सुप्रीम कोर्ट ने 2008 में हुए मालेगांव बम ब्लास्ट केस में मुख्य अभियुक्त लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित को जमानत दे दी है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट मामले के अन्य प्रमुख आरोपियों साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और असीमानंद नेता को भी जमानत दे चुका है। कर्नल पुराहित को जमानत मिलना इसलिए भी खास है कि, मामले की जांच कर रही एजेंसी NIA ने जहां साध्वी प्रज्ञा की जमानत का कोई विरोध नहीं किया था वहीं कर्नल पुरोहित की जमानत को लेकर उसने उच्चतम अदालत में भारी विरोध दर्ज कराया था। लेकिन कोर्ट ने एनआईए के विरोध को दरकिनार कर पुरोहित को जमानत दे दी। बता दें कि मामले में कर्नल की पैरवी वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने की थी।
पढ़ें- मालेगांव ब्लास्ट केस: कर्नल पुरोहित की जमानत याचिका पर SC ने फैसला रखा सुरक्षित
Supreme Court grants bail to 2008 Malegaon blast accused Lt Colonel Prasad Shrikant Purohit. pic.twitter.com/9md0hmjhK2
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 21, 2017
बीते 17 अगस्त को मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। जिसके बाद आज उन्हें जमानत दे दी गई। मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से जमानत याचिका खारिज होने के बाद पुरोहित ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।Supreme Court said "we set aside order of Bombay High court" while granting conditional bail to Malegaon blast accused Lt Colonel Purohit
— ANI (@ANI) August 21, 2017
NIA ने किया था जमानत का विरोध
वहीं मामले में प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं। इसी बिना पर प्रज्ञा ठाकुर को जमानत मिल गई थी। इसी प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने बांबे हाईकोर्ट द्वारा प्रज्ञा को जमानत देने के खिलाफ दायर की गई याचिका पर महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा है।
प्रज्ञा को जमानत मिलने के बद पुरोहित ने अपनी जमानत के लिए अदालत में हलफनामा दाखिल किया था। जस्टिस आरके अग्रवाल और एमएम शांतनागोदर की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान एनआईए ने कहा कि प्रज्ञा सिंह ठाकुर को जमानत देने में कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं, लेकिन पुरोहित को जमानत नहीं दी जा सकती।