{"_id":"60d5c0cf82b46a5c924bcd6a","slug":"supreme-court-formulate-a-formula-to-find-out-the-requirement-of-oxygen-suggested-in-the-report-of-the-task-force","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट: ऑक्सीजन की आवश्यकता पता लगाने के लिए फार्मूला बनाएं, कार्यबल की रिपोर्ट में सुझाव","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सुप्रीम कोर्ट: ऑक्सीजन की आवश्यकता पता लगाने के लिए फार्मूला बनाएं, कार्यबल की रिपोर्ट में सुझाव
Fri, 25 Jun 2021 05:11 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 25 Jun 2021 05:11 PM IST
सार
महामारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाए गए कार्यबल ने अपनी रिपोर्ट में कई अहम सुझाव दिए हैं। एनटीएफ ने खुद भी एक फार्मूला तैयार किया है।
विज्ञापन
ऑक्सीजन की कमी क्यों?
- फोटो : Pixabay
विस्तार
कोरोना महामारी के बीच देश में ऑक्सीजन की आवश्यकता निर्धारित करने के लिए एक फार्मूला बनाने का सुझाव दिया है। राष्ट्रीय कार्यबल ने इस संबंध में शीर्ष अदालत में एक रिपोर्ट दाखिल की है। इसमे इस तरह के फार्मूले का प्रस्ताव दिया गया है।
विज्ञापन
एनटीएफ ने रिपोर्ट में उदाहरण देते हुए समझाया है कि 100 बिस्तरों वाला अस्पताल, जिसमें 25 फीसदी आईसीयू बेड हों, उसमें तरल मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) की आवश्यकता 1.5 मीट्रिक टन होगी। कार्य बल ने कहा है कि इसी फार्मूले का इस्तेमाल किया जा सकता है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान अस्पतालों में व्याप्त ऑक्सीजन संकट के मद्देनजर छह मई को 12 सदस्यीय कार्यबल का गठन किया था। कार्यबल ने अपनी रिपोर्ट में कहा, 'इस तरह का फार्मूला एक बदलती रहने वाली प्रक्रिया का हिस्सा होगा और परिस्थितियों के हिसाब से तथा राज्यों के साथ विचार विमर्श करके इसमें बदलाव किए जा सकेंगे।'
विज्ञापन
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि ऑक्सीजन आवंटन में राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में उपचाराधीन मामले तथा संक्रमण की दोगुनी दर मुख्य कारक होने चाहिए, जिसमें वर्तमान हालात और भविष्य की मांग दोनों को ध्यान में रखा जाए।
कार्यबल ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ऐसी प्रणाली विकसित करनी होगी जिसमें अगले 24 घंटे तथा अगले कुछ दिनों में ऑक्सीजन की आवश्यकता का अनुमान लगाया गया हो और यह अनुमान फार्मूले की गणनाओं पर आधारित हो। अपनी आवश्यकता उन्हें केंद्रीय ऑक्सीजन वॉर रूम को बतानी चाहिए।
अस्पतालों के ऑडिट का भी सुझाव
ऑक्सीजन के न्यायसंगत उपयोग के लिए अस्पतालों का ऑडिट किया जाना चाहिए जिसमें उनकी पाइपलाइन प्रणाली को भी देखा जाए। उसने कहा कि इस तरह के ऑडिट से 10 से 20 फीसदी तक ऑक्सीजन की बचत होगी।
एनटीएफ ने ये सुझाव भी दिए
- शीर्ष न्यायालय के आदेश के अनुरूप राज्यवार ऑक्सीजन ऑडिट समितियों का गठन किया जाए।
- केंद्रीय स्तर पर सिलेंडरों की खरीद, ऑक्सीजन का उत्पादन और आपूर्ति बढ़ाई जाए
- ऑक्सीजन की राज्यों की जरूरतों का आकलन कर आपूर्ति के इंतजाम किए जाएं।