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लोन मोरेटोरियम 28 सितंबर तक बढ़ा, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से दो हफ्ते में ठोस निर्णय लेने को कहा
Thu, 10 Sep 2020 01:19 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Thu, 10 Sep 2020 01:19 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : social media
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से दिए गए लोन मोरेटोरियम मामले को लेकर केंद्र सरकार को ठोस फैसला लेने के लिए 2 हफ्ते का समय दिया है। आज शीर्ष अदालत में लोन मोरेटोरियम को आगे बढ़ाने और ब्याज में छूट देने की याचिकाओं पर सुनवाई हुई।
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जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने कहा कि मोरेटोरियम पर फैसला लेने के लिए केंद्र सरकार और आरबीआई को यह आखिरी मौका दिया जा रहा है। साथ ही कोर्ट ने लोन मोरेटोरियम को 28 सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया है।
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पीठ ने कहा कि इस अवधि तक बैंक किसी भी लोन की किस्त न चुकाने पर नॉन परफॉर्मिंग असेट (एनपीए) घोषित न करें। इस मामले पर अगली सुनवाई 28 सितंबर को की जाएगी।
केंद्र सरकार ने कोर्ट से कहा कि इस मामले को लेकर बैंकों और अन्य हितधारकों से बातचीत जारी है। इस संबंध में दो से तीन राउंड की बैठक की गई है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। कोर्ट ने केंद्र को ब्याज पर ब्याज नहीं वसूलने वाली याचिका को लेकर भी विचार करने को कहा है। साथ ही कर्जदारों की क्रेडिट रेटिंग को डाउनग्रेड नहीं करने को कहा है।
क्या है मोरेटोरियम
दरअसल, लोन मोरेटोरियम एक ऐसी सुविधा है, जिसके तहत कोरोना प्रभावित ग्राहकों या कंपनियों को छूट दी गई थी। इसके तहत ग्राहकों और कंपनियों के पास यह सुविधा थी कि वे अपनी मासिक किस्त को टाल सकें। इस सुविधा के साथ ग्राहकों को राहत तो मिल जाती है, लेकिन उन्हें आगे ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं।