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सुप्रीम कोर्ट: आम्रपाली के सबमेंशन प्लान वाले फ्लैट खरीदारों को राहत, अगली सुनवाई 25 अप्रैल को
Mon, 18 Apr 2022 10:16 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Mon, 18 Apr 2022 10:16 PM IST
सार
सुनवाई के दौरान जोडिएक सोसायटी में प्लास्टर गिरने का मामला उठाया गया। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने एनबीसीसी से सेफ्टी ऑडिट कराने को कहा है।
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आम्रपाली की परियोजनाओं में सब मेंशन प्लान के तहत फ्लैट खरीदने वालों को राहत दी है। शीर्ष अदालत ने बैंकों से कहा है कि वह ऐसे फ्लैट खरीदारों पर जुर्माना न लगाएं। दरअसल, सुनवाई के दौरान फ्लैट खरीदारों की ओर से वकील एमएल लाहोटी ने जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ के समक्ष कहा कि सबमेंशन प्लान वाले फ्लैट खरीदारों पर जुर्माना लगाया जा रहा है, जो उचित नहीं है। सब मेंशन प्लान के तहत पोजेशन होने तक आम्रपाली को ईएमआई देना था लेकिन अब वह परियोजना से बाहर है इसलिए बैंक खरीदारों पर पेनाल्टी लगा रहा है। लाहौटी ने पीठ से गुहार लगाई की परेशानी में पड़े फ्लैट खरीदारों को राहत दी जानी चाहिए।
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जिस पर पीठ ने बैंकों को ऐसे खरीदारों पर पेनाल्टी लगाने से मना किया। हालांकि पीठ के खरीदारों को पोजेशन से पहले बकाया चुकाने के लिए कहा है। लाहोटी के अनुसार सबमेंशन प्लान वाले करीब 14 हजार खरीदार हैं। सुनवाई के दौरान जोडिएक सोसायटी में प्लास्टर गिरने का मामला उठाया गया। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने एनबीसीसी से सेफ्टी ऑडिट कराने को कहा है। अगली सुनवाई 25 अप्रैल को होगी।
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रेरा नियम लागू करने पर केंद्र के सवालों का जवाब दें राज्य सरकारें: सुप्रीम कोर्ट
वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) (रेरा) अधिनियम 2016 के नियम लागू करने को लेकर केंद्र के सवालों का जवाब देने को कहा है। केंद्र ने मार्च में राज्यों से जानकारी मांगी थी। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा, केंद्र ने मार्च में सभी राज्यों को पत्र लिखकर उनसे रेरा अधिनियम में बिक्री के नियमों के संबंध में जानकारी मांगी थी। अब तक सिर्फ पांच राज्यों ने ही इसका जवाब दिया है। सरकार के रेरा कानून के कदम को सुविधाजनक बनाने के लिए हम सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को 15 मई या उससे पहले सभी सवालों के जवाब केंद्र को सौंपने का निर्देश देते हैं। पीठ ने साथ ही एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी और न्यायमित्र देवाशीष भरुका को राज्यों सभी वांछित जानकारी मिलने के बाद स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। इस मामले में अब जुलाई के तीसरे हफ्ते में सुनवाई होगी।
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