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Hindi News ›   India News ›   Supreme Court Denied abortion, Woman says: I wish my baby dies after birth

आखिर क्यों ये मां चाहती है कि जन्म लेते ही मर जाए उसका बच्चा?

Wed, 29 Mar 2017 03:10 PM IST
amarujala.com- Presented by: जया पाण्डेय
amarujala.com- Presented by: जया पाण्डेय Updated Wed, 29 Mar 2017 03:10 PM IST
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Supreme Court Denied abortion, Woman says: I wish my baby dies after birth
डेमो पिक
मुंबई की एक 28 साल की युवती अपने गर्भ में पल रहे बच्चे को गिराने की अनुमति के लिए दर-दर भटक रही है। लेकिन इस हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने उसकी दायर याचिका को ठुकराकर उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।  
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युवती के गर्भ में पल रहा बच्चा 27 हफ्ते का हो चुका है और अरनोल्ड चिएरी टाइप टू सिंड्रोम से जूझ रहा है। इसका मतलब है जब बच्चा जब पैदा होगा तो उसका दिमाग और रीढ़ की हड्डी अविकसित होगा। युवती ने बताया कि बच्चे की स्थिति का पता उन्हें प्रेग्नेंसी के पांचवे महीने के दौरान सोनोग्राफी के जरिए चला। 
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युवती ने बताया कि उसका भाई भी इसी बीमारी के साथ पैदा हुआ था। अब वो नहीं चाहती कि उसका बच्चा भी इस बीमारी से जूझे। उसने कहा कि अब मैं यही दुआ कर रही हूं कि जन्म के बाद मेरा बच्चा मर जाए। 
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इस समय कानून के अनुसार प्रेग्नेंसी के 20 हफ्तों के अंदर ही अबॉर्शन करवाया जा सकता है। लेकिन मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट 2014 में संशोधन के बाद जिसमें अबॉर्शन का समय 24 हफ्ते कर दिया गया क्योंकि कुछ बीमारियों का पता 20 हफ्तों के बाद चलता है।


युवती के पिता ने कहा कि मेरी पत्नी को प्रेग्नेंसी के समय में हमारे बच्चे की इस बीमारी का पता नहीं चला। लेकिन अब जब मेरी बच्ची को इसका पता चल गया है तो उसपर ऐसे बच्चे को दुनिया में लाने के लिए क्यों दबाव डाला जा रहा है।  
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