{"_id":"61a96b0c2d417d4430359f85","slug":"supreme-court-criticizes-delhi-government-decision-to-reopen-and-said-elders-work-from-home-but-children-go-to-school","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा: एक तरफ बच्चों के स्कूल खोले, दूसरी ओर बड़े कर रहे हैं घर से काम, यह कैसी व्यवस्था","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा: एक तरफ बच्चों के स्कूल खोले, दूसरी ओर बड़े कर रहे हैं घर से काम, यह कैसी व्यवस्था
Fri, 03 Dec 2021 06:26 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 03 Dec 2021 06:26 AM IST
सार
पीठ ने कहा हालात खराब हैं, स्कूल बंद कर सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई क्यों नहीं करा रहे। हमारे यहां भी बच्चे हैँ, आप मौका देंगे तो वे घर से निकलेंगे ही।
विज्ञापन
सर्वोच्च न्यायालय
- फोटो : ANI
विस्तार
दिल्ली सरकार के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से पीठ ने पूछा, सरकार क्या कर रही है? एक तरफ वर्क फ्रॉम होम लागू किया ताकि बड़े घर से काम करें और दूसरी ओर स्कूल खोल दिए, जिससे बच्चे घर से निकलें। यह कैसी व्यवस्था है, आपके यहां बच्चों को इस धुंध में घर से निकलना पड़ रहा।
विज्ञापन
इस पर सिंघवी ने कहा, स्कूल प्रदूषण का स्तर कम होने पर खोले गए, साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई भी हो रही। अभिभावकों के पास विकल्प हैं, वे चाहें तो बच्चों को भेजें या नहीं। इस पर पीठ ने फटकार लगाई, विकल्प है का क्या मतलब, आप मौका ही क्यों दे रहे हैं स्कूल भेजने का।
विज्ञापन
हालात खराब हैं, स्कूल बंद कर सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई क्यों नहीं करा रहे। हमारे यहां भी बच्चे हैँ, आप मौका देंगे तो वे घर से निकलेंगे ही। सिंघवी ने कहा, दिल्ली सरकार कोर्ट के हर आदेश का पालन करने के लिए तैयार है।
विज्ञापन
प्रदूषण के स्रोत का भी पता नहीं लगा सके, अब तो पराली भी नहीं जल रही
मुख्य न्यायधीश जस्टिस एनवी रमण ने कहा, इतने दिन बीत गए, आप प्रदूषण के स्रोतों तक का पता नहीं लगा पाए हैं। अब तो पराली भी नहीं जल रही। हम निर्देश भी दे रहे हैं, आप का दावा है कि उनका पालन भी हो रहा, फिर भी एक्यूआई गंभीर क्यों बना हुआ है। इस पर मेहता ने बताया, औद्योगिक निर्माण व वाहनों से उत्सर्जन के कारण हालात बिगड़े हैं।
केंद्र सरकार ने राज्यसभा में गिनाए प्रदूषण कम करने को उठाए कदम
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने राज्यसभा में पूरक प्रश्नों के लिखित जवाब में वायु प्रदूषण कम करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम गिनाए।
- 132 शहरों में मानीटरिंग स्टेशन खोले गए
- वाहनों में उत्सर्जन के बीएस4 प्रावधान को बीएस6 में बदला गया
- कई शहरों में मेट्रो रेल चलाने की योजना पर काम चल रहा
- दिल्ली में जहां हालात अधिक बुरे हैं, वहां ईस्टर्न व वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे बनाए गए। इससे वाहनों में ईंधन की खपत कम होगी और वायु प्रदूषण घटाने में मदद होगी
- 10 साल से पुराने डीजल वाहनों को दिल्ली में प्रतिबंधित किया गया
- कोयला संचालित बिजली संयंत्रों पर सख्त नियम लागू किये, साथ ही प्रौद्योगिकी में भी सुधार किया गया
- राष्ट्रीय शुद्ध हवा कार्यक्रम को देशव्यापी स्तर पर शुरू किया गया। इसके तहत गैर प्राप्ति शहरों के लिए 375.44 करोड़ मंजूर किए गए
- 10 लाख से अधिक आबादी वाले 42 शहरों में प्रदूषण रोकने के लिए 2020-21 के बजट में 4400 करोड़ रुपये आवंटित किये
- 2021-26 में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए 12,139 करोड़ रुपये भी आवंटति किए