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SC: धर्मांतरण विरोधी कानूनों पर रोक की मांग वाली याचिकाओं पर विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट; छह सप्ताह बाद सुनवाई
Tue, 16 Sep 2025 12:27 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Tue, 16 Sep 2025 12:27 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट ने धर्मांतरण विरोधी कानूनों पर रोक लगाने की मांग वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई के लिए हामी भर दी है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि वह विभिन्न राज्यों में लागू धर्मांतरण विरोधी कानूनों पर रोक लगाने की मांग वाली कई याचिकाओं पर विचार करेगा। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और के. विनोद चंद्रन की पीठ ने धर्मांतरण विरोधी कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर विभिन्न राज्य सरकारों से चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद निर्धारित की है।
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इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई में उत्तर प्रदेश सरकार से धर्मांतरण निषेध कानून (संशोधन) 2024 की कुछ धाराओं को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब मांगा था। जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा था। साथ ही याचिका को इस मुद्दे से जुड़ी लंबित याचिकाओं के साथ सुनवाई के लिए जोड़ा गया था।
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याचिका लखनऊ की शिक्षाविद रूप रेखा वर्मा और अन्य लोगों द्वारा दायर की गई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यूपी के धर्मांतरण निषेध कानून (संशोधन) 2024 की कुछ धाराएं स्पष्ट और विस्तृत नहीं हैं। इनकी भाषा इतनी उलझी हुई है कि पता ही नहीं चलता कि कानून के तहत अपराध क्या है? इससे लोगों की अभिव्यक्ति की आजादी और धर्म प्रचार के अधिकार पर असर पड़ता है।
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