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कृषि कानून : एमएसपी केंद्रित है सुप्रीम कोर्ट की कमेटी की रिपोर्ट, वर्तमान ढांचे में बदलाव की सिफारिश
Fri, 02 Apr 2021 02:54 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 02 Apr 2021 02:54 AM IST
सार
- परिवार के सदस्यों की मेहनत को भी अहमियत देने के हैं संकेत
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सर्वोच्च न्यायालय
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
तीन नए कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। सुप्रीम कोर्ट इसी हफ्ते कमेटी की रिपोर्ट पर सुनवाई कर सकता है।
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कमेटी की रिपोर्ट मुख्यत: न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर केंद्रित है। संकेत हैं कि कमेटी ने इसमें व्यापक बदलाव लाने, इसका दायरा बढ़ाने, अधिक से अधिक किसानों तक इसका लाभ पहुंचाने के अलावा फसल की लागत तय करने के लिए परिवार के सदस्यों की मेहनत को भी शामिल करने की सिफारिश की है।
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कमेटी ने अपनी रिपोर्ट पेश करने से पहले कृषि क्षेत्र से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़े 85 फीसदी शेयर धारकों से बात की है। सूत्रों के मुताबिक इनमें से किसी ने कृषि कानून वापसी का सुझाव नहीं दिया। ज्यादातर सुझाव एमएसपी को ले कर थे।
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ज्यादातर लोगों ने एमएसपी का लाभ महज देश के छह फीसदी किसानों को मिलने, इसके आव्यावहारिक होने और इसका दायरा बेहद सीमित होने पर सवाल उठाए थे। कमेटी ने कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव के लिए इन्हीं पक्षों से जुड़ी सिफारिशें दी हैं।
किसान परिवार की मेहनत का भी आकलन
कमेटी से जुड़े सूत्र के मुताबिक वर्तमान सरकार ने किसानों को रबी और खरीफ फसलों पर लागत से डेढ़ गुना ज्यादा कीमत देने का दावा किया है। हालांकि लागत तय करने का तरीका अवैज्ञानिक बताया है।
इसमें सिर्फ खेती के लिए किसानों के नकदी खर्च मसलन बीज, खाद, कीटनाशक, ईंधन, सिंचाई खर्च को ही शामिल किया गया है। इसमें किसान परिवार के सदस्यों की मेहनत की ओर ध्यान भी नहीं दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक कमेटी ने लागत तय करने के तरीके में व्यापक बदलाव की मांग करते हुए किसान परिवार की लागत तो भी इसमें शामिल करने का सुझाव दिया है।
एमएसपी और सरकारी खरीद पर सवाल
सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में एमएसपी और राज्यों की ओर से सरकारी खरीदी की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। एमएसपी के तहत महज छह फीसदी किसान ही अपनी फसल बेच पाते हैं। गेहूं खरीदी के मामले में सरकार पंजाब-हरियाणा के अतिरिक्त अन्य राज्यों में अपने खरीदी लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाती।
इसके अलावा राज्यों की खरीद प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हैं। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में सरकारी खरीद की प्रक्रिया से जुड़े ढांचे में व्यापक बदलाव के लिए कई अहम सुझाव दिए हैं।
इसके अलावा एमएसपी पर खरीद का दायरा बढ़ाने के लिए भी कई अहम सुझाव दिए गए हैं। इसी कड़ी में मछली-मधमक्खी पालन, वृक्षारोपण को बढ़ावा दे कर किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए भी कई अहम सुझाव दिए गए हैं।
चुनाव के बीच फिर गरमा सकता है मुद्दा
कमेटी की रिपोर्ट ऐसे समय में पेश की गई है जब पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। सुप्रीम कोर्ट इसी हफ्ते रिपोर्ट पर सुनवाई कर सकता है। जाहिर तौर पर सुनवाई के साथ ही कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक हो जाएगी। फिर आंदोलनरत किसान संगठनों ने मई महीने में संसद घेरने की घोषणा की है।
सरकार इस विवाद में नए कदम उठाने से पहले कमेटी की रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट का रुख भांपना चाहती है। यही रणनीति आंदोलन में शामिल किसान संगठनों की भी है।