मुंबई में मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड परियोजना पर कोर्ट से कोई स्टे नहीं : सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मुंबई की आरे कॉलोनी में मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमएमआरसीएल) परियोजना पर कोर्ट से कोई स्टे नहीं है। कोर्ट ने एमएमआरसीएल से पूछा कि कितने पौधे बोए गए, कितने पेड़ प्रत्यारोपित किए गए। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 15 नवंबर तय की है।
Supreme Court clarifies that there is no stay from Court on the Mumbai Metro Rail Corporation Limited (MMRCL) project to make way for a Metro car shed. Court asks MMRCL to submit report on how many saplings sown, how many trees transplanted. Next date of hearing is November 15. pic.twitter.com/AZeZiqZP5T
— ANI (@ANI) October 21, 2019विज्ञापन
कार शेड के निर्माण के लिए मेट्रो प्रबंधन ने पेड़ों की कटाई शुरू की थी, जिसका मुंबई समेत बड़े पैमाने पर विरोध हुआ। पुलिस ने पेड़ों की कटाई का विरोध कर रहे करीब 29 सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था।
मुंबई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने बताया था कि उसे 2185 पेड़ काटने की अनुमति मिली थी और वह 2141 पेड़ काट चुका है। यानी कि अब मात्र 44 और पेड़ों को काटा जाना बाकी था। सुप्रीम कोर्ट की रोक पर मुंबई मेट्रो ने कहा था कि शीर्ष अदालत के आदेश का सम्मान करते हुए पेड़ों की कटाई रोक दी गई है।