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Supreme Court: बार एसोसिएशन अध्यक्ष की चिट्ठी को मुख्य न्यायाधीश ने बताया पब्लिसिटी स्टंट, की सख्त टिप्पणी
Mon, 18 Mar 2024 12:38 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 18 Mar 2024 12:38 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधीश अग्रवाल ने मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को चिट्ठी लिखकर उनसे इलेक्टोरल बॉन्ड योजना को लेकर दिए फैसले की समीक्षा करने की अपील की थी।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने एससीबीए (सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन) के अध्यक्ष की चिट्ठी को पब्लिसिटी स्टंट बताकर खारिज कर दिया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हम इस मामले में नहीं पड़ना चाहते। दरअसल सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधीश अग्रवाल ने मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को चिट्ठी लिखकर उनसे इलेक्टोरल बॉन्ड योजना को लेकर दिए फैसले की समीक्षा करने की अपील की थी।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सोमवार को मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने अधीश अग्रवाल की चिट्ठी पर कहा कि 'वरिष्ठ वकील होने के साथ ही आप सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। आपने एक चिट्ठी लिखकर स्वतः संज्ञान लेने की बात कही थी। ये सब पब्लिसिटी संबंधी है और हम इसमें नहीं पड़ना चाहते। मुझसे ज्यादा मत बुलवाइए क्योंकि ये बुरा लग सकता है।'
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने दिया था ये तर्क
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के चीफ अधीश अग्रवाल ने मुख्य न्यायाधीश को लिखी चिट्ठी में लिखा था कि इलेक्टोरल बॉन्ड के मामले में संविधान पीठ ने जो आदेश दिया है, उसमें दानदाता और उनके चंदे की जानकारी देने वाले निर्देश की समीक्षा की जानी चाहिए। अधीश अग्रवाल ने दावा किया कि दानदाता और उनके चंदे की जानकारी सार्वजनिक होने से उद्योगपतियों को नुकसान हो सकता है क्योंकि राजनीतिक पार्टियां उनका उत्पीड़न कर सकती हैं। ऐसे में उनके नामों और चंदे की रकम का खुलासा न किया जाए। हालांकि अदालत ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों अपने ऐतिहासिक फैसले में सरकार की इलेक्टोरल बॉन्ड योजना पर रोक लगा दी थी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोलर बॉन्ड की खरीद के लिए अधिकृत एकमात्र बैंक एसबीआई से दानदाताओं, राजनीतिक पार्टियों और चंदे की रकम का खुलासा करने का निर्देश दिया था। जिस पर एसबीआई ने निर्वाचन आयोग को यह जानकारी उपलब्ध करा दी थी और निर्वाचन आयोग द्वारा अपने वेबसाइट पर यह जानकारी सार्वजनिक की गई।
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सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सोमवार को मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने अधीश अग्रवाल की चिट्ठी पर कहा कि 'वरिष्ठ वकील होने के साथ ही आप सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। आपने एक चिट्ठी लिखकर स्वतः संज्ञान लेने की बात कही थी। ये सब पब्लिसिटी संबंधी है और हम इसमें नहीं पड़ना चाहते। मुझसे ज्यादा मत बुलवाइए क्योंकि ये बुरा लग सकता है।'
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बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने दिया था ये तर्क
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के चीफ अधीश अग्रवाल ने मुख्य न्यायाधीश को लिखी चिट्ठी में लिखा था कि इलेक्टोरल बॉन्ड के मामले में संविधान पीठ ने जो आदेश दिया है, उसमें दानदाता और उनके चंदे की जानकारी देने वाले निर्देश की समीक्षा की जानी चाहिए। अधीश अग्रवाल ने दावा किया कि दानदाता और उनके चंदे की जानकारी सार्वजनिक होने से उद्योगपतियों को नुकसान हो सकता है क्योंकि राजनीतिक पार्टियां उनका उत्पीड़न कर सकती हैं। ऐसे में उनके नामों और चंदे की रकम का खुलासा न किया जाए। हालांकि अदालत ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों अपने ऐतिहासिक फैसले में सरकार की इलेक्टोरल बॉन्ड योजना पर रोक लगा दी थी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोलर बॉन्ड की खरीद के लिए अधिकृत एकमात्र बैंक एसबीआई से दानदाताओं, राजनीतिक पार्टियों और चंदे की रकम का खुलासा करने का निर्देश दिया था। जिस पर एसबीआई ने निर्वाचन आयोग को यह जानकारी उपलब्ध करा दी थी और निर्वाचन आयोग द्वारा अपने वेबसाइट पर यह जानकारी सार्वजनिक की गई।