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सुप्रीम कोर्ट ने पूछा: कोरोना की तीसरी लहर में बच्चे ज्यादा प्रभावित, केंद्र ने क्या इस पर अध्ययन कराया

Tue, 01 Jun 2021 02:56 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Tue, 01 Jun 2021 02:56 AM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, टीकों के दाम ज्यादा वसूल रहे निजी अस्पताल, केंद्र करे विनियमित
 

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Supreme Court asked to center Children are more affected in third wave of Corona did conduct a study on it
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना महामारी की तीसरी लहर में ग्रामीण भारत और बच्चों के सबसे ज्यादा प्रभावित होने की आशंका की रिपोर्टों पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से पूछा, क्या इन पहलुओं पर कोई अध्ययन कराया गया। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ ने यह भी कहा, 'केंद्र की यह जिम्मेदारी है कि वह निजी अस्पतालों में वसूले जा रहे टीकों के ज्यादा दाम और आसमान छूती रेमडेसिविर और अन्य दवाओं की कीमतों को विनियमित करे।'

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कोरोना प्रबंधन मामले में सुनवाई कर रही पीठ ने कहा, क्या सरकार ने ग्रामीण इलाकों में कोई अध्ययन कराया है? हम इन लोगों के लिए भी टीकाकरण की नीति जानना चाहते हैं। वहीं, वरिष्ठ वकील और न्याय मित्र मीनाक्षी अरोड़ा ने पीठ को बताया कि कुछ जगहों पर लोग कोविन एप पर टीकाकरण के लिए पंजीयन करा रहे हैं तो निजी अस्पताल ही उन्हें बुला रहे हैं। ऐसे लोगों को सरकारी एजेंसियों से फोन नहीं आ रहे हैं। निजी अस्पताल ऐसे लोगों से टीके की एक खुराक के लिए 900 रुपये से ज्यादा ले रहे हैं।
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अगर चार लोगों का परिवार है तो उसे एक बार में करीब 4,000 रुपये ले रहे हैं। इस पर जस्टिस भट ने कहा, हमने महामारी के दौरान देखा है कि रेमडेसिविर और अन्य दवाओं की कीमतें आसमान पर पहुंच गई थीं। हमारी क्या जवाबदेही नहीं होनी चाहिए? 900 रुपये ही नहीं लिए जा रहे हैं। कुछ तो इससे भी ज्यादा ले रहे हैं। केंद्र ने इसे तय नहीं किया। उसने सिर्फ एडवाइजरी ही जारी की। टीके कम होने पर तो इनकी कीमतें 2,000 रुपये तक पहुंच गईं।
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जिन्हेें गंभीर बीमारी, उन्हें पहले लगे टीका
कोर्ट ने केंद्र सरकार को टीकाकरण नीति में कुछ फेरबदल करने का भी सुझाव दिया और कहा, जिन लोगों को पहले से कोई गंभीर बीमारी है, उन्हें पहले टीका दिया जाना चाहिए। इस पर वरिष्ठ वकील और न्याय मित्र जयदीप गुप्ता ने कहा, फिलहाल एप पर इस तरह की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

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