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ग्राम स्वराज अभियान की सफलता से गदगद है ग्रामीण विकास मंत्रालय, कुछ योजनाओं ने किया लक्ष्य पार

Mon, 20 Aug 2018 12:46 AM IST
हरेन्द्र, अमर उजाला, नई दिल्ली
हरेन्द्र, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 20 Aug 2018 12:46 AM IST
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Superhit Modi Government Village Swaraj Campaign 2.0,Reach above 100 percent target
Narendra Modi

मोदी सरकार का ग्राम स्वराज अभियान 2.0 सुपरहिट साबित हुआ है। ग्रामीण विकास मंत्रालय इन दिनों ग्राम स्वराज अभियान की सफलता से गदगद है। मंत्रालय से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक स्वतंत्रता दिवस को खत्म हुए अभियान के दूसरे चरण में कई योजनाओं ने 100 फीसदी का लक्ष्य हासिल कर लिया है। इस अभियान की शुरुआत 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती पर हुई थी।

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ग्रामीण विकास मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक ग्राम स्वराज अभियान का दूसरा चरण काफी सफल रहा है। अभियान का दूसरा चरण 1 जुलाई से लेकर 15 तक चलाया गया था जबकि इसका पहला चरण 14 अप्रैल से 05 मई, 2018 के बीच चलाया गया था। इस अभियान में मंत्रालय की सात योजनाओं को प्रोत्साहित किया गया था जिनमें से केवल एक योजना को छोड़ कर बाकी सभी योजनाएं तय लक्ष्य को हासिल करने में कामयाब रहीं।
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इन योजनाओं में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई), प्रधानमंत्री सहज बिजली योजना (पीएमएसबीवाई), उन्नत ज्योति योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना (पीएमजेडीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) और मिशन इंद्रधनुष शामिल रहीं।
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राष्ट्रीय ग्राम्य विकास संस्थान के प्रोफेसर इंजीनियर एचके सोलंकी ने इस कामयाबी के पीछे लंबी अवधि को मुख्य वजह बताते हुए कहा कि लंबी अवधि के चलते ही मंत्रालय को तय लक्ष्य हासिल करने में सफलता मिल पाई। वह इसका क्रेडिट अधिकारियों को देते हैं, जिनके प्रयास से यह सफलता मिल पाई। वह कहते हैं कि अगर ग्राम स्वराज अभियान के दोनों चरणों की तुलना करें, तो पाएंगे कि योजनाओं को लागू करने के लिए काफी लंबा वक्त मिल पाया जिसके चलते न केवल जागरुकता पैदा करने, बल्कि योजनाओं को लागू करने के लिए भी पर्याप्त समय मिला।

19 अगस्त के ताजा आंकड़ों के मुताबिक मंत्रालय की प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत  39 लाख 5 हजार घऱों में सिलेंडर देने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन योजना ने 38 लाख 94 हजार का आंकड़ा हासिल कर लिया, जो लक्ष्य का 99 फीसदी है। प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना ने 75 फीसदी लक्ष्य को छू लिया है। इसके लिए 36 लाख 67 हजार घरों को बिजली पहुंचाने का लक्ष्य दिया गया था, जो 21 लाख 19 हजार तक पहुंच गया है।

इसी तरह सभी बच्चों को टीकाकरण के अंतर्गत लाने के लिये शुरू की गई मिशन इंद्रधनुष योजना तय लक्ष्य से ऊपर पहुंच गई है। योजना ने 103.47 फीसदी का लक्ष्य हासिल किया है। इसके तहत साढ़े चार लाख बच्चों का टीकाकरण का लक्ष्य मिला था, जो तय लक्ष्य से ज्यादा 4 लाख 60 हजार पहुंच गया। वहीं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना ने 110 फीसदी लक्ष्य हासिल किया। योजना में 53 लाख लोगों को इसका लाभ दिया जाना था, जबकि उससे ज्यादा 58 लाख 26 हजार का लक्ष्य हासिल कर लिया।

इसके अलावा सरकार की टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना ने 107 फीसदी का लक्ष्य हासिल कर लिया है। इसके तहत 49 हजार गांवों के 31 लाख 42 हजार लाभार्थियों को इसका लाभ दिया जाना था, वहीं 33 लाख 69 हजार लाभार्थी इस योजना के तहत चुने गए। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में निवेश के बाद अगर व्यक्ति की मौत हो जाती है, तो उसके परिवार को 2 लाख रुपए मिलेंगे। देश के हर आदमी तक जीवन बीमा का लाभ पहुंचाने के लिए मोदी सरकार ने 9 मई 2015 को यह योजना शुरू की थी।

प्रधानमंत्री की सबसे बहुप्रचारित प्रधानमंत्री जनधन योजना ने तो सारे रिकॉर्ड ही तोड़ डाले और 114 फीसदी के साथ सबसे टॉप पर रही। योजना के तहत 49 हजार गांवों में 46 लाख 20 हजार लाभार्थियों के खाते खोलने का लक्ष्य दिया गया था, जो 19 अगस्त तक 52 लाख 70 हजार खातों तक पहुंच गया। गौरतलब है कि जून 2018 तक 31.89 करोड़ जनधन खाते खुल चुके हैं। वहीं उन्नत ज्योति योजना यानी उजाला के तहत 48 हजार 929 गांवों में 39 लाख 14 एलईडी बल्बों का वितरण होना था, जो ताजा आंकड़ों के मुताबिक 47 हजार 720 गांवों में 42 लाख 69 हजार एलईडी बल्ब वितरित कर दिए गए, जो लक्ष्य का 97.53 फीसदी रहा।


गौरतलब है कि ग्राम स्वराज अभियान की शुरूआत 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती पर की गई थी, जिसमें नीति आयोग के 114 आकांक्षी जिलों के 48 हजार 929 गांवों को चुना गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने 14 अप्रैल को छत्तीसगढ़ राज्य के बीजापुर से इस अभियान की शुरूआत की थी। इस अभियान का उद्देश्य सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देना, गरीब परिवारों तक पहुंच कायम करना और केंद्र सरकार की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं तथा कार्यक्रमों से वंचित रह गए सभी लोगों को इनके दायरे में लाकर लाभान्वित करना था।

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