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सुंदरी बाघिन...जिसे अब कोई राज्य वापस लेना नहीं चाहता
Tue, 09 Jun 2020 01:30 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
Published by: Tanuja Yadav
Updated Tue, 09 Jun 2020 01:30 PM IST
सार
- सुंदरी बाघिन पर दो लोगों को मारने का आरोप
- मध्य प्रदेश और उड़ीसा सरकार में बाघिन को लेकर मतभेद
- राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के फैसले का इंतजार
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बाघिन
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विस्तार
महाराष्ट्र की बाघिन को तीन लोगों को मारने के जुर्म में भोपाल के वन विहार में एकांत कारावास के लिए भेजा जा रहा है लेकिन सुंदरी नाम की इस बाघिन का मामला मध्यप्रदेश सरकार और उड़ीसा सरकार के बीच फंसकर किसी नतीजे पर नहीं आया है। उड़ीसा सरकार के वन अधिकारियों ने मध्यप्रदेश सरकार को एक स्मरणपत्र भेजा कि वो अपनी बाघिन को वापस ले लें।
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मध्यप्रदेश से कोई जवाब ना मिलने के बाद अब राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने बाघिन को लेकर अंतिम फैसला लेने को कहा है। 28 जून 2018 को सुंदरी को मध्यप्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से उड़ीसा के सत्कोसिया टाइगर रिजर्व भेजा गया था। छह जुलाई को सुंदरी को छोड़ दिया गया था।
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कान्हा नेशनल पार्क से लाए गए बाघ एमबी2 के स्थानांतरण के एक हफ्ते बाद सुंदरी को उड़ीसा लाया गया। ये दोनों बाघ देश के पहले अंतर्राज्यीय स्थानांतरण के पहले जोड़े थे। सत्कोसिया के आस-पास के इलाकों में दो लोगों को मारने के बाद सुंदरी को उड़ीसा के वन अधिकारियों ने छह नवंबर 2018 में पकड़ा था। एमबी2 को एक शिकारी ने मार गिराया था।
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इसके बाद उड़ीसा सरकार ने मध्यप्रदेश सरकार से कई बार अपनी बाघिन वापस लेने को कहा लेकिन मध्यप्रदेश सरकार ने साफ लफ्जों में यह कह दिया था कि वो सुंदरी को वापस नहीं ले सकते। इसका कोई मतलब नहीं है, उसे दोबारा जंगली नहीं किया जा सकता।
सत्कोसियो टाइगर रिजर्व के पी रामास्वामी ने कहा कि वो राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। एनटीसीए के फैसले के बाद राज्य आगे की कार्रवाई करेंगे। उन्होंने बताया कि कान्हा से कई अधिकारी बाघिन सुंदरी को देखने रायगोड़ा आ चुके हैं, उन्होंने शायद एनटीसीए से बातचीत की होगी जिसके आधार पर एनटीसीए अपना फैसला सुनाएगा।
एनटीसीए ने पहले छह बाघों के स्थानांतरण की अनुमति दी थी लेकिन सिर्फ दो बाघों को ही स्थानांतरित किया गया। 26 करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट उड़ीसा के गांव वालों की वजह से रद्द हो गया है। एनटीसीए ने सत्कोसियो टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वो गांव वालों को समझाएं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें।
एनटीसीए ने कहा कि गांव वालों को समझाया जाए कि जैव विविधता के लिए बाघों का रहना कितना जरूरी है। प्रोजेक्ट के सुचारू रुप से संचालन के लिए गांव वालों को जंगल के इलाके से थोड़ा दूर रखें। सुंदरी बाघिन पर दो लोगों को मारने का आरोप है।