{"_id":"603ee71f3b8e5850b87a9910","slug":"suicide-case-ahmedabad-what-was-the-job-of-ayesha-husband","type":"story","status":"publish","title_hn":"साबरमती नदी में कूदकर क्यों देनी पड़ी आयशा को जान, आखिरी वीडियो में क्या कहा?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
साबरमती नदी में कूदकर क्यों देनी पड़ी आयशा को जान, आखिरी वीडियो में क्या कहा?
Wed, 03 Mar 2021 07:06 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 03 Mar 2021 07:06 AM IST
विज्ञापन
आयशा बानो (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook Screen Grab
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुजरात की आयशा ने पिछले दिनों अहमदाबाद की साबरमती नदी में कूद कर जान दे दी थी। उस वक्त उसने एक वीडियो भी बनाया था। आयशा के पति आरिफ पर आरोप है कि शादी के बाद वो आयशा को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगा था और उसे पीटता था। अब आरिफ पुलिस की गिरफ्त में है।
विज्ञापन
आरिफ ये करता था काम
परिवारजानों के मुताबिक आयशा का पति आरिफ अपने पिता बाबू खान के साथ जालौर की एक ग्रेनाइट फैक्ट्री में काम करता था। साथ ही वह दुकान भी करता था, उसने अपनी दो दुकानों को किराए पर दे रखा था और खुद ग्रेनाइट फैक्ट्री में सुपरवाइजर के पद पर था।
विज्ञापन
विज्ञापन
आयशा को भी जालौर काफी पसंद था। जालौर के राजेंद्र नगर में आयशा का ननिहाल है। वह छुट्टी होने पर हमेशा यहां आती थी। जालौर शहर के अस्पताल चौराहा निवासी आरिफ पुत्र बाबू खान के साथ वर्ष 2018 में आयशा की शादी हुई थी। आयशा के मामा ने बताया कि दहेज के लालच में ससुराल वाले उसे नियमित प्रताड़ित करते थे, जिससे तंग आकर उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
आयशा ने क्या कहा आखिरी वीडियो में
आयशा ने आखिरी वीडियो नदी पर बनाई और उसने ने कहा - जो कर रही हूं, अपनी मर्जी से कर रही हूं। आयशा आगे कहती हैं कि अब बस क्या कहें, खुदा की दी हुई जिंदगी बस इतनी ही थी। डैड, कब तक लड़ोगे, अब केस वापस ले लो।
आयशा ने आगे कहा कि आरिफ को आजादी चाहिए तो ठीक है वो आजाद रहे। मैं खुश हूं, अल्लाह से मिलूंगी, उनसे कहूंगी कि मेरे गलती कहां हो गई?' आयशा ने आगे कहा कि अल्लाह से दुआ करूंगी कि आगे इंसानों की शक्ल ना दिखाएं।
यही नहीं इसके अलावा आयशा ने कहा कि मोहब्बत करनी है तो दोतरफा करो, एक तरफा करने से कुछ हासिल नहीं होता। ऐ प्यारी सी नदी, हम प्रार्थना करते हैं मुझे अपने में समा लें।
आयशा ने आगे कहा कि मैं हवाओं की तरह हूं, बस बहते रहना चाहती हूं। आयशा ने कहा कि मुझे जिनको जो बताना था, वो बता चुकी हूं। मुझे दुआओं में याद रखना, पता नहीं जन्नत मिले या ना मिले। अलविदा।