{"_id":"686bcdc9acc9811f6c049bc2","slug":"sudden-deaths-to-be-treated-as-notifiable-disease-on-vaccine-controversy-minister-defended-cm-s-statement-2025-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnataka: आकस्मिक मौत पर अब सरकार को देनी होगी जानकारी; वैक्सीन विवाद पर मंत्री ने कहा- सीएम की नीयत गलत नहीं","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Karnataka: आकस्मिक मौत पर अब सरकार को देनी होगी जानकारी; वैक्सीन विवाद पर मंत्री ने कहा- सीएम की नीयत गलत नहीं
Mon, 07 Jul 2025 07:08 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: पवन पांडेय
Updated Mon, 07 Jul 2025 07:08 PM IST
सार
कर्नाटक में अब अचानक मौतों की रिपोर्ट सरकार को देना जरूरी होगा। राज्य सरकार न फैसला किया है कि हर ऐसी मौत पर पोस्टमार्टम अनिवार्य होगा। इसके साथ ही लोगों को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच और सीपीआर का प्रशिक्षण मिलेगा। वहीं राज्य के मंत्री ने सीएम सिद्धारमैया के वैक्सीन वाले बयान पर बवाल मचने के बाद उनका बचाव किया है।
विज्ञापन
सीएम सिद्धारमैया और स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कर्नाटक सरकार ने अब अचानक हुई मौतों को अधिसूचित रोग यानी ऐसी बीमारी घोषित करने का फैसला किया है जिसकी जानकारी सरकार को देना जरूरी होगा। इस फैसले की घोषणा राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने सोमवार को की। अब ऐसी मौतों पर पोस्टमार्टम जरूरी किया जाएगा। यह फैसला राज्य के हासन जिले समेत कई हिस्सों में बढ़ती हार्ट अटैक की घटनाओं को देखते हुए लिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने क्या कहा?
मामले में स्वास्थ्य मंत्री ने बताया, 15 साल से ऊपर के सभी लोगों की हर साल जांच कराई जाएगी। राज्य के लोगों को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि इमरजेंसी में तुरंत मदद मिल सके। इसके साथ ही स्कूल की किताबों में हार्ट अटैक और अचानक मौतों से जुड़ा एक नया पाठ जोड़ा जाएगा। राज्य में चल रही 'पुनीत राजकुमार हृदय ज्योति योजना' को अब तालुका स्तर के अस्पतालों तक बढ़ाया जाएगा।
यह भी पढ़ें - BJP On Rahul Gandhi: SEBI पर राहुल के हमले को लेकर BJP का पलटवार, कहा- आपकी राजनीति ही डूब रही है, बाजार नहीं
विज्ञापन
स्कूल की पढ़ाई में आएगा बदलाव
मंत्री ने कहा कि छात्रों को हार्ट अटैक और अचानक मौतों से बचाव की जानकारी देने के लिए शिक्षा विभाग को एक नया पाठ्यक्रम भेजा गया है, जिसे अगले शैक्षणिक वर्ष से लागू किया जाएगा।
विशेषज्ञों की रिपोर्ट में क्या कहा गया?
राज्य सरकार ने जयदेव हृदय विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. रवींद्रनाथ की अध्यक्षता में एक समिति बनाई थी, जिसने हासन जिले में हुई 20 से ज्यादा अचानक मौतों की जांच की। रिपोर्ट में कहा गया, कोविड या वैक्सीन का इन मौतों से सीधा संबंध नहीं है। वैक्सीन ने लंबे समय में दिल की बीमारियों से बचाव में मदद की है। लंबे समय तक कोविड से भी मौतों का कोई सीधा संबंध नहीं मिला।
कोविड वैक्सीन वाले सीएम के बयान का बचाव
राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हाल ही में कोविड वैक्सीन को अचानक हो रहे हार्ट अटैक्स से जोड़ा था, जिससे विवाद हुआ। लेकिन मंत्री दिनेश गुंडू राव ने इसे गलत नीयत वाला बयान नहीं बताया। उन्होंने सफाई दी, 'मुख्यमंत्री केवल यह जानना चाहते थे कि कोविड और उसके टीके के क्या साइड इफेक्ट हो सकते हैं। उनका इरादा बुरा नहीं था।'
यह भी पढ़ें - Bengal: कॉलेज में शराब पीते TMCP सदस्यों का वीडियो वायरल, भाजपा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री के बयान पर उठा था विवाद
सीएम सिद्धारमैया ने एक्स पर लिखा था, 'कोविड वैक्सीन को जल्दबाजी में मंजूरी और वितरण दिया गया, जिससे हार्ट अटैक की घटनाएं बढ़ी हो सकती हैं। कई वैश्विक शोध इस ओर इशारा करते हैं।' इस बयान की बीजेपी और बायोकॉन की संस्थापक किरण मजूमदार शॉ ने कड़ी आलोचना की। लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया कि यह एक सवाल उठाने की कोशिश थी, न कि टीके के खिलाफ कोई आरोप।
एमआरएनए वैक्सीन पर भी दी गई जानकारी
वहीं मंत्री ने कहा कि मधुमेह (डायबिटीज), हाई ब्लड प्रेशर और मोटापा जैसी स्थितियां हार्ट अटैक का मुख्य कारण हैं, जो कोविड के बाद और बढ़ गई हैं। भारत में एमआरएनए वैक्सीन नहीं दी गई थी, लेकिन मंत्री ने बताया कि एमआरएनए वैक्सीन से हल्के रूप में हृदय की मांसपेशियों में सूजन के मामले सामने आए हैं। पर भारत में इस्तेमाल हुई वैक्सीन से ऐसा कोई खतरा नहीं पाया गया है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य मंत्री ने क्या कहा?
मामले में स्वास्थ्य मंत्री ने बताया, 15 साल से ऊपर के सभी लोगों की हर साल जांच कराई जाएगी। राज्य के लोगों को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि इमरजेंसी में तुरंत मदद मिल सके। इसके साथ ही स्कूल की किताबों में हार्ट अटैक और अचानक मौतों से जुड़ा एक नया पाठ जोड़ा जाएगा। राज्य में चल रही 'पुनीत राजकुमार हृदय ज्योति योजना' को अब तालुका स्तर के अस्पतालों तक बढ़ाया जाएगा।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - BJP On Rahul Gandhi: SEBI पर राहुल के हमले को लेकर BJP का पलटवार, कहा- आपकी राजनीति ही डूब रही है, बाजार नहीं
विज्ञापन
स्कूल की पढ़ाई में आएगा बदलाव
मंत्री ने कहा कि छात्रों को हार्ट अटैक और अचानक मौतों से बचाव की जानकारी देने के लिए शिक्षा विभाग को एक नया पाठ्यक्रम भेजा गया है, जिसे अगले शैक्षणिक वर्ष से लागू किया जाएगा।
विशेषज्ञों की रिपोर्ट में क्या कहा गया?
राज्य सरकार ने जयदेव हृदय विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. रवींद्रनाथ की अध्यक्षता में एक समिति बनाई थी, जिसने हासन जिले में हुई 20 से ज्यादा अचानक मौतों की जांच की। रिपोर्ट में कहा गया, कोविड या वैक्सीन का इन मौतों से सीधा संबंध नहीं है। वैक्सीन ने लंबे समय में दिल की बीमारियों से बचाव में मदद की है। लंबे समय तक कोविड से भी मौतों का कोई सीधा संबंध नहीं मिला।
कोविड वैक्सीन वाले सीएम के बयान का बचाव
राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हाल ही में कोविड वैक्सीन को अचानक हो रहे हार्ट अटैक्स से जोड़ा था, जिससे विवाद हुआ। लेकिन मंत्री दिनेश गुंडू राव ने इसे गलत नीयत वाला बयान नहीं बताया। उन्होंने सफाई दी, 'मुख्यमंत्री केवल यह जानना चाहते थे कि कोविड और उसके टीके के क्या साइड इफेक्ट हो सकते हैं। उनका इरादा बुरा नहीं था।'
यह भी पढ़ें - Bengal: कॉलेज में शराब पीते TMCP सदस्यों का वीडियो वायरल, भाजपा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री के बयान पर उठा था विवाद
सीएम सिद्धारमैया ने एक्स पर लिखा था, 'कोविड वैक्सीन को जल्दबाजी में मंजूरी और वितरण दिया गया, जिससे हार्ट अटैक की घटनाएं बढ़ी हो सकती हैं। कई वैश्विक शोध इस ओर इशारा करते हैं।' इस बयान की बीजेपी और बायोकॉन की संस्थापक किरण मजूमदार शॉ ने कड़ी आलोचना की। लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया कि यह एक सवाल उठाने की कोशिश थी, न कि टीके के खिलाफ कोई आरोप।
एमआरएनए वैक्सीन पर भी दी गई जानकारी
वहीं मंत्री ने कहा कि मधुमेह (डायबिटीज), हाई ब्लड प्रेशर और मोटापा जैसी स्थितियां हार्ट अटैक का मुख्य कारण हैं, जो कोविड के बाद और बढ़ गई हैं। भारत में एमआरएनए वैक्सीन नहीं दी गई थी, लेकिन मंत्री ने बताया कि एमआरएनए वैक्सीन से हल्के रूप में हृदय की मांसपेशियों में सूजन के मामले सामने आए हैं। पर भारत में इस्तेमाल हुई वैक्सीन से ऐसा कोई खतरा नहीं पाया गया है।