फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Sudarsan Pattnaik to represent India at international sand sculpture championship in Russia

Sand Art: अंतरराष्ट्रीय रेत कलाकृति प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे सुदर्शन पटनायक, रूस में आयोजन

Tue, 02 Jul 2024 09:12 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मिथिलेश नौटियाल Updated Tue, 02 Jul 2024 09:12 PM IST
सार

Sand Art: रेत पर कलाकृति बनाने वाले कलाकार सुदर्शन पटनायक, रूस में होने वाली एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। चार जुलाई से 12 जुलाई के बीच इस प्रतियोगिता का आयोजन होगा। 

विज्ञापन
Sudarsan Pattnaik to represent India at international sand sculpture championship in Russia
सुदर्शन पटनायक और उनकी कलाकृति - फोटो : ANI

विस्तार

भारत के प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट (रेत पर कलाकृति बनाने वाले कलाकार) सुदर्शन पटनायक, रूस में होने वाली एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। आपको बता दें कि रूस में गुरुवार से अंतरराष्ट्रीय रेत कलाकृति प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। भारत की ओर से सुदर्शन पटनायक इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे।  

विज्ञापन

प्रतियोगिता में भगवान जगन्नाथ का रेत का रथ बनाएंगे पटनायक
पटनायक का कहना है कि वे प्रतियोगिता में भगवान जगन्नाथ का रेत का रथ बनाएंगे। इसमें भगवान जगन्नाथ के साधक बलराम दास को भी दिखाया जाएगा। बलराम दास ओडिशा के 14वीं शताब्दी के प्रख्यात कवि रह चुके हैं। वे भगवान जगन्नाथ के अनन्य भक्त थे। सुदर्शन पटनायक ने कहा, ‘प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए मुझे निमंत्रण आया है। प्रतियोगिता का विषय इतिहास और पौराणिक कथाएं हैं। इस प्रतियोगिता में मैं भगवान जगन्नाथ और उनके परम भक्त बलराम दास की रेत की कलाकृति बनाऊंगा। रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में चार जुलाई से 12 जुलाई के बीच इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता में विश्व के 21 प्रख्यात कलाकारों के भाग लेने की संभावना है।

विज्ञापन

 

पटनायक ने बताई बलराम दास की कहानी
पटनायक ने आगे कहा कि बलराम दास के बारे में कई कहानियां बताईं गईं हैं। कहा जाता है कि एक बार रथ यात्रा के दौरान बलराम दास ने भगवान जगन्नाथ की पूजा करने के लिए रथ पर चढ़ने की कोशिश की तो उन्हें रोक लिया गया। इसके बाद वे समुद्र किनारे आए और रेत पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की कलाकृति बनाई और वहीं पूजा करनी शुरू कर दी। पटनायक ने आगे कहा कि इसके बाद देवता रथ से गायब हो गए और उस स्थान पर चले गए, जहां बलराम दास पूजा कर रहे थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन


पद्म श्री सम्मान से पुरस्कृत सुदर्शन पटनायक अब तक दुनियाभर में 65 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed