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Sudan Crisis: 'राजनयिक परिसर की अखंडता का सम्मान किया जाए', UAE के राजदूत के आवास पर हमले से भारत चिंतित
Wed, 02 Oct 2024 06:38 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 02 Oct 2024 06:38 PM IST
सार
Sudan Crisis: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान में कहा कि हम सूडान में सुरक्षा स्थिति पर नजर रख रहे हैं। किसी भी संघर्ष में राजनयिक परिसर की अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एएनआई/रॉयटर्स (फाइल)
विस्तार
खार्तूम में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राजदूत के आवास पर हमले के बाद सूडान में बढ़ते तनाव पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत क्षेत्र में सुरक्षा हालात पर नजर रख रहा है। मंत्रालय ने यूएई राजदूत के आवास पर हमले पर चिंता जताई और कहा कि किसी भी संघर्ष में राजनयिक परिसर की अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान में कहा कि हम सूडान में सुरक्षा स्थिति पर नजर रख रहे हैं। किसी भी संघर्ष में राजनयिक परिसर की अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए और खार्तूम में यूएई के राजदूत के आवास पर हमले की रिपोर्ट गंभीर चिंता का विषय है।
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इस हफ्ते की शुरुआत में यूएई ने कहा था कि खार्तूम में उसके राजदूत के आवास पर सूडानी सैन्य विमान द्वारा हमला किया गया। अबू धाबी ने इसे जघन्य हमला बताते हुए इसकी निंदा की। सूडान की सैन्य सरकार ने आरोपों का खंडन किया और प्रतिद्वंद्वी अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) पर निशाना साधा।
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जून में सूडान के राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में यूएई पर आरोप लगाया था कि वह आरएसएफ को वित्तीय और सैन्य सहायता प्रदान कर रहा है और यही मदद इस युद्ध के लंबे समय तक चलने की मुख्य वजह है। इस बीच, खाड़ी देश ने इन आरोपों को यह कहते हुए खारिज किया कि वह केवल तनाव को कम करने और मानवीय दिक्कतों को हल करने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, यूएएन के प्रतिबंध निगरानी कर्ताओं ने कहा है कि यूएई की ओर से आरएसएफ को सैन्य समर्थन देने के आरोप विश्वसनीय हैं।
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, सूडान की ढाई करोड़ आबादी को मदद की जरूरत है। यह आबादी कुल जनसंख्या का आधा है। देश में भुखमरी का खतरा बढ़ रहा है और करीब 80 लाख लोग अपने घरों को छोड़कर भाग चुके हैं।