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70 साल में पहली बार किसी पीएम के बारे में लिखी गई ऐसी चिट्ठी, इन 14 नेताओं ने भी किए हस्ताक्षर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 14 May 2018 11:24 PM IST
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पीएम मोदी, मनमोहन सिंह
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पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में इस्तेमाल आपत्तिजनक भाषा की शिकायत की है। पत्र में सिंह के अलावा कांग्रेस के 14 वरिष्ठ नेताओं ने भी हस्ताक्षर किए हैं। इस पत्र के साथ 6 मई को हुबली में मोदी के चुनावी भाषण का वीडियो लिंक भी भेजा गया है जिसमें प्रधानमंत्री ने कहा था कि कांग्रेस नेता कान खोलकर सुन लीजिए, अगर सीमाओं को पार करोगे तो ये मोदी है, लेने के देने पड़ जाएंगे।
दो पेज के पत्र में मनमोहन सिंह ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी को लेकर कही गई बातों पर लिखा है कि कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है। पार्टी ने कई चुनौतियों का सामना किया है। कांग्रेस नेतृत्व ने चुनौतियों और खतरों का सामना करने में साहस और निडरता दिखाई है। उन्होंने लिखा कि न तो हमारी पार्टी और न ही हमारे नेता ऐसी धमकियों के आगे झुकेंगे। सिंह ने लिखा है कि कार्यपालिका प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करती है उनसे आदेश लेती है। उन्होंने लिखा है सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों ने सार्वजनिक या निजी तौर पर भी मर्यादा बनाए रखी है। कल्पना भी नहीं की जा सकती कि लोकतंत्र में सरकार के प्रमुख के तौर पर एक प्रधानमंत्री धमकाने और उकसाने वाले शब्दों का इस्तेमाल करे।
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दो पेज के पत्र में मनमोहन सिंह ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी को लेकर कही गई बातों पर लिखा है कि कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है। पार्टी ने कई चुनौतियों का सामना किया है। कांग्रेस नेतृत्व ने चुनौतियों और खतरों का सामना करने में साहस और निडरता दिखाई है। उन्होंने लिखा कि न तो हमारी पार्टी और न ही हमारे नेता ऐसी धमकियों के आगे झुकेंगे। सिंह ने लिखा है कि कार्यपालिका प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करती है उनसे आदेश लेती है। उन्होंने लिखा है सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों ने सार्वजनिक या निजी तौर पर भी मर्यादा बनाए रखी है। कल्पना भी नहीं की जा सकती कि लोकतंत्र में सरकार के प्रमुख के तौर पर एक प्रधानमंत्री धमकाने और उकसाने वाले शब्दों का इस्तेमाल करे।
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मनमोहन सिंह की चिट्ठी की खास बातें
Narendra Modi and Manmohan Singh
- संविधान में प्रधानमंत्री को एक खास दर्जा हासिल है। वे कैबिनेट का नेतृत्व करते हैं और कार्यपालिका उन्हें रिपोर्ट करती है और उनसे आदेश लेती है।
- यह अकल्पनीय है कि पीएम धमकाने और डराने वाले शब्दों का प्रयोग करेंगे और मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेताओं को खुलेआम चेतावनी देंगे।
- प्रधानमंत्री की यह धमकी निंदनीय है। 1.3 अरब की आबादी वाले लोकतांत्रिक देश में यह पीएम की भाषा नहीं हो सकती है। ऐसा बर्ताव अस्वीकार्य है।
- इसमें जो शब्द इस्तेमाल किए गए हैं, उनका मकसद अपमानित करना और माहौल बिगाड़ने के लिए उकसाना है।
- कांग्रेस ने सवा सौ साल के इतिहास में कई चुनौतियों का सामना किया है। न तो पार्टी और न ही उसके नेता ऐसी धमकियों के सामने झुकेंगे।
- राष्ट्रपति की यह बड़ी जिम्मेदारी है कि वे पीएम और उनकी कैबिनेट का मार्गदर्शन करें। चुनाव प्रचार में ही सही, पीएम से ऐसी धमकी भरी भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती है।
- यह अकल्पनीय है कि पीएम धमकाने और डराने वाले शब्दों का प्रयोग करेंगे और मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेताओं को खुलेआम चेतावनी देंगे।
- प्रधानमंत्री की यह धमकी निंदनीय है। 1.3 अरब की आबादी वाले लोकतांत्रिक देश में यह पीएम की भाषा नहीं हो सकती है। ऐसा बर्ताव अस्वीकार्य है।
- इसमें जो शब्द इस्तेमाल किए गए हैं, उनका मकसद अपमानित करना और माहौल बिगाड़ने के लिए उकसाना है।
- कांग्रेस ने सवा सौ साल के इतिहास में कई चुनौतियों का सामना किया है। न तो पार्टी और न ही उसके नेता ऐसी धमकियों के सामने झुकेंगे।
- राष्ट्रपति की यह बड़ी जिम्मेदारी है कि वे पीएम और उनकी कैबिनेट का मार्गदर्शन करें। चुनाव प्रचार में ही सही, पीएम से ऐसी धमकी भरी भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती है।
इन नेताओं ने किए पत्र पर हस्ताक्षर
manmohan singh
- फोटो : file photo
मनमोहन सिंह के अलावा इस पत्र पर कांग्रेस नेता एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल, पी चिदंबरम, अशोक गहलोत, मल्लिकार्जुन खड़गे, करण सिंह, अंबिका सोनी, कमलनाथ, आनंद शर्मा, मोतीलाल वोरा, दिग्विजय सिंह और मुकुल वासनिक ने भी हस्ताक्षर किए हैं।