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सुब्रमण्यम स्वामी के ट्वीट पर भड़का मालदीव, अब दी यह सफाई

Tue, 28 Aug 2018 11:51 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 28 Aug 2018 11:51 AM IST
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Subramanian Swamy gave clarification on his tweet on Maldives and said did not represent government
सुब्रमण्यम स्वामी

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद सुब्रमण्यम स्वामी के एक ट्वीट ने केंद्र सरकार की चिंता को बढ़ा दिया है। उन्होंने हाल ही में ऐसा ट्वीट किया जिसकी वजह से भारत का पुराना साथी नाराज हो गया है। जिसके बाद मालदीव के विदेश सचिव अहमद सरीर ने भारतीय उच्चायुक्त अखिलेश मिश्रा को रविवार को समन भेजा था। उन्होंने स्वामी के ट्वीट पर नाराजगी जाहिर की थी। 

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दरअसल 24 अगस्त को सुब्रमण्यण स्वामी ने ट्वीट कर कहा था, 'यदि मालदीव में चुनाव के दौरान गड़बड़ी होती है तो भारत को उसपर हमला कर देना चाहिए।' उनके इस बयान पर भारत सरकार ने किसी भी तरह की टिप्पणी करने से साफ इंकार करते हुए कहा था कि यह उनके निजी विचार हैं। वह किसी को कुछ कहने से नहीं रोक सकते हैं।
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स्वामी के इस ट्वीट से गुस्साए मालदीव के विदेश मंत्रालय ने देश में स्थित भारत के उच्चायुक्त अखिलेश मिश्रा को समन जारी किया है। मालदीव में अगले महीने चुनाव होने वाले हैं।  हालांकि रविवार को मालदीव ने भारत के उच्चायुक्त को तलब कर नाराजगी जाहिर की।
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अब अपने इस ट्वीट पर स्वामी ने सफाई दी है। स्वामी ने कहा, 'भारतीय नागरिकों को मालदीव में प्रताड़ित नहीं किया जा सकता है। यह मेरे अपने विचार थे कि भारत कि अपने नागरिकों को बचाने की जिम्मेदारी बनती है, जिसके लिए हमला करना जरूरी है। मैं सरकार का प्रतिनिधित्व नहीं करता हूं।'

बता दें कि स्वामी के 24 अगस्त को किए ट्वीट के बाद उन्हें मालदीव के नागरिकों के गुस्से का सामना करना पड़ा था। अक्कू नाम के यूजर ने लिखा था, 'सबसे पहले अपनी समस्याओं को निपटाएं। हम मालदीववासी किसी को भी हमला करने का मौका नहीं देंगे। हम आखिरी सांस तक लड़ाई करेंगे। आकार मायने नहीं रखता है। तुम भारतीयों को दूसरे के विचारों की इज्जत करनी चाहिए। हम अपनी समस्याएं सुलझा लेंगे। हमें तुम्हारी मदद की जरुरत नहीं है।'

यूजर की टिप्पणी पर जवाब देते हुए स्वामी ने कहा था, 'चुनाव में धांधली मत करो। हमने 1988 में भारतीय सेना को भेजकर तुम्हें तमिल आतंकियों से बचाया था। उस समय तुमने कोई आपत्ति नहीं जताई थी।'

 

 

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