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सुभाष चंद्र बोस जयंती: ममता बोली, नेताजी ने हिंदू महासभा की विभाजनकारी राजनीति का विरोध किया था
Thu, 23 Jan 2020 03:05 PM IST
अनवर अंसारी
पीटीआई, दार्जिलिंग
पीटीआई, दार्जिलिंग
Published by: अनवर अंसारी
Updated Thu, 23 Jan 2020 03:05 PM IST
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बंगाल की सीएम ममता बनर्जी
- फोटो : ANI
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने हिंदू महासभा की विभाजनकारी राजनीति का विरोध किया था और वह धर्मनिरपेक्ष तथा एकजुट भारत की खातिर लड़े थे। बनर्जी ने नेताजी की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग की।
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उन्होंने कहा कि बोस ने अपने संघर्ष के जरिए यह संदेश भेजा कि सभी धर्मों का सम्मान किया जाना चाहिए और एकजुट भारत के लिए लड़ना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee: Netaji Subhash Chandra Bose while addressing a public meeting in Jhargram on May 12, 1940, had criticized Hindu Mahasabha, these thoughts are very much relevant today pic.twitter.com/zRHCsQkWPK
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 23, 2020
ममता बनर्जी ने सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि नेताजी ने हिंदू महासभा की विभाजनकारी राजनीति का विरोध किया था। वह धर्मनिरपेक्ष भारत के लिए लड़े। लेकिन अब धर्मनिरपेक्षता का पालन करने वालों को बाहर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाया कि नेताजी के लापता होने के रहस्य से पर्दा उठाने के लिए सरकार गंभीर नहीं है।
बनर्जी ने कहा कि उन्होंने (केंद्र) केवल कुछ ही गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक किया है। वास्तविकता में क्या हुआ था, यह पता लगाने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। यह शर्मिंदगी की बात है कि 70 वर्ष से भी अधिक समय बीत जाने के बावजूद हम यह नहीं जान पाए हैं कि उनके साथ क्या हुआ था।