Siddhi Hemant: सब-लेफ्टिनेंट सिद्धि नौसेना की दूसरी महिला हेलिकॉप्टर पायलट बनीं, 18 अधिकारियों का स्नातक पूरा
सब-लेफ्टिनेंट सिद्धि हेमंत नौसेना की दूसरी महिला हेलिकॉप्टर पायलट बनीं हैं। तमिलनाडु के संस्थान में सिद्धि समेत 18 नौसेना अधिकारियों ने पायलट के रूप में स्नातक पूरा किया है।
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सब लेफ्टिनेंट सिद्धि हेमंत ने सोमवार को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करके नौसेना की दूसरी महिला हेलिकॉप्टर पायलट बनकर इतिहास रच दिया। दरअसल, सिद्धि समेत भारतीय नौसेना के 18 अधिकारियों ने सोमवार को आईएनएस राजाली स्थित हेलिकॉप्टर ट्रेनिंग स्कूल से पायलट के रूप में ग्रैजुएशन पूरी की।
VAdm Rajesh Pendharkar, FOC-in-C #ENC awarded the prestigious 'Golden Wings' to 18 graduating pilots of the 104 #Helicopter Conversion Course at an impressive Passing Out Parade at @IN_Rajali, #Arakkonam, #TamilNadu. @indiannavy
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The newly graduated pilots will be deployed to… pic.twitter.com/beAzEZS1Ur— Eastern Naval Command 🇮🇳 (@IN_HQENC) June 9, 2025
पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया
एक अधिकारी के मुताबिक, इन अधिकारियों ने भारतीय नौसैनिक एयर स्क्वाड्रन-561 में 22 सप्ताह के गहन फ्लाइंग और ग्राउंड ट्रेनिंग को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद एक पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया। प्रशिक्षण पूरा करने वालों में महिला अधिकारी दुबे शामिल हैं।
VAdm Rajesh Pendharkar, FOC-in-C #ENC awarded the prestigious 'Golden Wings' to 18 graduating pilots of the 104 #Helicopter Conversion Course at an impressive Passing Out Parade at @IN_Rajali, #Arakkonam, #TamilNadu. @indiannavy
The newly graduated pilots will be deployed to… pic.twitter.com/beAzEZS1Ur— Eastern Naval Command 🇮🇳 (@IN_HQENC) June 9, 2025
प्रतिष्ठित गोल्डन विंग्स
स्नातक होने वाले अधिकारियों को प्रतिष्ठित गोल्डन विंग्स प्रदान किए गए, जो उन्हें हेलिकॉप्टर पायलट के रूप में चिह्नित करते हैं। पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल राजेश पेंढारकर ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किए।
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नौसेना की फ्रंटलाइन इकाइयों में किया जाएगा तैनात
नए पायलटों को अब नौसेना के फ्रंटलाइन यूनिटों में तैनात किया जाएगा, जहां वे टोह, निगरानी, खोज और बचाव तथा समुद्री डकैती रोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वाइस एडमिरल पेंढारकर ने कहा कि नए पायलटों ने न केवल उड़ान भरना सीखा है, बल्कि उद्देश्यपूर्ण तरीके से उड़ान भरना सीखा है। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसैनिक विमानन हमेशा से पेशेवरता, सटीकता और गर्व के लिए जाना जाता रहा है।