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Study: बारिश के पैटर्न में बदलाव से पेड़-पौधे प्रभावित, सदी के अंत तक दुनिया के 500 करोड़ लोगों पर पड़ेगा असर
Tue, 30 Apr 2024 05:06 AM IST
निर्मल कांत
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली।
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 30 Apr 2024 05:06 AM IST
सार
Study: शोधकर्ताओं ने कहा कि अप्रैल के महीने में होने वाली बारिश, एकाएक भारी बारिश में बदल रही है, जिससे मई के दौरान फूलों के खिलने पर असर पड़ रहा है। यह बदलाव सिर्फ अप्रैल तक सीमित नहीं है।
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बारिश
- फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
जलवायु परिवर्तन के चलते बारिश के पैटर्न में जबर्दस्त बदलाव आया है। वैश्विक तापमान के बढ़ने से साल में होने वाली बारिश ने प्रचंड रूप धारण कर लिया है। जो पानी पहले रुक-रुक कर बरसता था वह अब अचानक भारी बारिश के रूप में गिर रहा है।
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जलवायु परिवर्तन के चलते सदी के अंत तक दुनिया के करीब 500 करोड़ लोग प्रभावित होंगे। इसका सीधा असर पेड़-पौधों और फसलों पर पड़ रहा है। मैरीलैंड विश्वविद्यालय के अध्ययन में इसका खुलासा हुआ है, जिसके नतीजे नेचर रिव्यूज अर्थ एंड एनवायरनमेंट में प्रकाशित हुए हैं।
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शोधकर्ताओं ने कहा, अप्रैल के महीने में होने वाली बारिश, एकाएक भारी बारिश में बदल रही है, जिससे मई के दौरान फूलों के खिलने पर असर पड़ रहा है। यह बदलाव सिर्फ अप्रैल तक सीमित नहीं है। भारत में तो मानसून के दौरान अच्छा खासा बदलाव देखा गया है।
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फसलों को भारी नुकसान
अध्ययन से जुड़े शोधकर्ता एंड्रू एफ फेल्डमैन के अनुसार साल भर धीरे-धीरे बारिश पौधों को खुशहाल बनाता है और अधिक वनस्पतियों को पनपने का मौका देता है। लेकिन जब एकाएक जरूरत से ज्यादा पानी गिरता है तब पौधों के विकास और संरक्षण में काफी दिक्कतें आती हैं। ऐसी स्थिति में पौधे भी अपना स्वरूप बदलने लगते हैं।