फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   study shown 90 percent of India and entire Delhi in danger zone of heatwave impacts

Study: लू से दिल्ली का पूरा तो देश का 90% हिस्सा डेंजर जोन में, इससे 50 साल में हुईं 17 हजार से ज्यादा मौतें

Thu, 20 Apr 2023 08:21 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Thu, 20 Apr 2023 08:21 AM IST
सार

अध्ययन कैंब्रिज विश्वविद्यालय में रमित देबनाथ और उनके सहयोगियों द्वारा किया गया है। अध्ययन में कहा गया है कि ‘लू’ ने संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने की दिशा में भारत की प्रगति को पहले की तुलना में ज्यादा बाधित किया है।

विज्ञापन
study shown 90 percent of India and entire Delhi in danger zone of heatwave impacts
लू से परेशान (फाइल फोटो)

विस्तार

जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में लगातार लू खतरनाक होती जा रही है। देश का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा और पूरी दिल्ली लू के प्रभावों के ‘खतरे के क्षेत्र’ में है। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है।

विज्ञापन

बता दें, यह अध्ययन कैंब्रिज विश्वविद्यालय में रमित देबनाथ और उनके सहयोगियों द्वारा किया गया है। अध्ययन में कहा गया है कि ‘लू’ ने संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने की दिशा में भारत की प्रगति को पहले की तुलना में ज्यादा बाधित किया है।

विज्ञापन

लू की 700 से ज्यादा घटनाएं

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के पूर्व सचिव एम राजीवन द्वारा वैज्ञानिक कमलजीत रे, एसएस रे, आरके गिरि और एपी डिमरी के साथ लिखे गए एक पेपर से पता चलता है कि लू ने भारत में 50 वर्षों में 17 हजार से अधिक लोगों की जान ले ली है। यह पेपर साल 2021 में प्रकाशित हुआ था। इसमें बताया गया कि 1971-2019 तक देश में लू की 706 घटनाएं हुई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

13 लोगों की मौत
गौरतलब है, रविवार को नवी मुंबई में महाराष्ट्र सरकार के एक पुरस्कार समारोह में लू की वजह से 13 लोगों की मौत हो गई थी। लू की यह घटना अबतक की सबसे बड़ी दर्दनाक घटनाओं में से एक है। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने हाल ही में उत्तर-पश्चिम और प्रायद्वीपीय क्षेत्रों को छोड़कर अप्रैल से जून तक देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान रहने की बात कही है।  

सबसे गर्म फरवरी इस साल का

1901 के बाद साल 2023 में सबसे गर्म फरवरी का अनुभव किया। हालांकि, मार्च में सामान्य से अधिक बारिश हुई, जिससे तापमान सामान्य रहा। साल 2022 का मार्च अबतक का सबसे गर्म और 121 वर्षों में तीसरा सबसे सूखा वर्ष था। एक रिपोर्ट की माने तो देश में करीब 75 प्रतिशत कर्मचारी यानी लगभग 38 करोड़ लोग गर्मी की वजह से तनाव में रहते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed