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कोरोना पॉजिटिव मां से शिशु को गर्भ में ही मिल जाती है इम्युनिटी! क्या कहती है रिसर्च
Fri, 18 Dec 2020 05:13 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 18 Dec 2020 05:13 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
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वैज्ञानिकों ने उन गर्भवती महिलाओं का परीक्षण किया जिन्हें कोविड-19 से संक्रमित होने के चलते भर्ती किया गया था और उन्हें महिलाओं की गर्भ नाल के रक्त में नोवेल कोरोना वायरस के खिलाफ एंडीबॉडीज मिले हैं। इससे संभावना जताई जा रही है कि मांओं से बच्चों में इम्युनिटी स्थांतरित हो सकती है।
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सिंगापुर की एकेडमी ऑफ मेडिसिन के आधिकारिक मेडिकल जर्नल 'अनल्स' में यह अध्ययन प्रकाशित हुआ है। इसमें सिंगापुर के चार तृतीयक अस्पतालों में भर्ती कोविड-19 से संक्रमित 16 गर्भवती महिलाओं के नमूनों का समय-समय पर विश्लेषण किया गया, जिसके आधार पर यह निष्कर्ष निकला है।
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अध्ययन के अनुसार, मां के दूध या नाल के माध्यम से मां से बच्चे के बीच कोरोनावायरस के ट्रांसमिशन के कोई सबूत नहीं मिले हैं। शोधकर्ताओं ने बताया कि अधिकतर संक्रमित महिलाओं को केवल हल्की बीमारी थी और उनमें केवल दो महिलाओं के लिए मोटापा और अधिक आयु, चिंता का विषय थे।
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पांच महिलाओं ने जीवित बच्चों को जन्म दिया और दो महिलाओं को 11वें और 23वें सप्ताह में गर्भपात हो गया। वैज्ञानिकों ने कहा कि एक मरीज 80 दिन तक कोरोना से संक्रमित रही। हालांकि, उन्होंने कहा कि इतना लंबा समय वास्तविक संक्रामकता का संकेत नहीं होता है। किसी भी महिला की मौत नहीं हुई।
वैज्ञानिकों ने कहा कि नमूनों की व्यवस्थागत स्क्रीनिंग के आधार पर मां से शिशु में वायरस के ट्रांसमिशन के कोई सबूत नहीं मिले हैं। लेकिन, उन्होंने कहा कि यह खोज माताओं से शिशुओं में एंटीबॉडी के हस्तांतरण का निर्णायक सबूत नहीं हो सकता क्योंकि सुरक्षात्मक प्रोटीन कुछ मामलों में फंस सकते हैं।