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75 फीसदी लोगों को सताता है पुलिस का डर, नहीं दर्ज करवाते शिकायत

Thu, 09 Nov 2017 11:49 AM IST
टीम डिजिटल अमर उजाला
टीम डिजिटल अमर उजाला Updated Thu, 09 Nov 2017 11:49 AM IST
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study says around 75 people not registered complaint because of police misbehaviour
प्रतीकात्मक तस्वीर

भोपाल में हुए गैंगरेप के बाद पीड़िता को शिकायत दर्ज करवाने के लिए पुलिस स्टेशनों के चक्कर काटने पड़े थे। उसका शिकायत 24 घंटों बाद दर्ज की गई, लेकिन चौंका देने वाली बात है कि उसकी मां खुद पुलिस विभाग में थीं। यहां मामले का जिक्र इसलिए किया जा रहा है क्योंकि एक स्टडी सामने आई है, जिसके मुताबिक 75 फीसदी लोग पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं करवाते, जिसका अहम कारण पुलिस की ओर से किया जाने वाला दुर्व्यवहार है। 

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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस के रिसर्चर डॉ. अरविंद तिवारी की ओर से रिसर्च किया गया है। उनके रिसर्च से साफ जाहिर हो रहा है कि 75 फीसदी लोग पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने से घबराते हैं। खासकर इसमें महिलाएं और कमजोर तबके के लोग शामिल हैं।
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रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस का महिलाओं और गरीबर लोगों के प्रति व्यवहार ठीक नहीं होता। शिकायत दर्ज न होने की वजह से पुलिस क्राइम को गंभीरता से नहीं लेती है। करीब 33 फीसदी मामलो को नॉन कांसिबल ऑफेंस कैटेगिरी में शामिल कर दिया जाता है, वहीं 25 फीसदी मामलों को डेली डायली में दर्ज कर लिया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक जितने मामले पुलिस के पास पहुंचते हैं उनमें से महज10 फीसदी पर शिकायत दर्ज की जाती है।


हालांकि, मैन पावर कम होना भी क्राइम को गंभीरता से न लिए जाने के पीछे एक कारण है। क्योंकि कर्मियों की कमी होने के चलते तैनात पुलिसकर्मी ज्यादा लोड लेना पसंद नहीं करते इसलिए शिकायतें दर्ज नहीं हो पाती।

राजनीतिक दबाव भी शिकायतों को दर्ज न किए जाने की एक वजह बनी हुई है। स्थानीय राजनीति भी पुलिस कार्रवाई पर गहरा असर डालती है। कई मामलों को बिना शिकायत दर्ज किए ही खत्म कर दिया जाता है। साथ ही क्राइम ग्राफ बढ़ जाने पर पुलिस सवालों के घेरे में आती है इसलिए अक्सर मामलों को दर्ज किए जाने से बचा जाना ही बेहतर समझा जाता है।

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