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बीटेक-एमबीबीएस के साथ अर्थशास्त्र और समाज शास्त्र भी पढ़ सकेंगे छात्र
Fri, 22 May 2020 07:57 AM IST
श्रीधर मिश्रा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Fri, 22 May 2020 07:57 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : PTI
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जल्द ही बीटेक और एमबीबीएस की पढ़ाई के साथ छात्र अर्थशास्त्र, समाज शास्त्र, राजनीति शास्त्र आदि की भी डिग्री ले सकेंगे। विदेशों की तर्ज पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) 2020 सत्र से स्नातक और स्नातकोत्तर प्रोग्राम में ड्यूल या दोहरी डिग्री शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसमें एक की पढ़ाई नियमित मोड तो दूसरी की पढ़ाई ओपन एंड डिस्टेंड लर्निंग या ऑनलाइन मोड से की जा सकेगी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, तकनीकी, लैब और प्रैक्टिकल प्रोग्राम की पढ़ाई सिर्फ नियमित मोड से ही होगी। तकनीकी डिग्री प्रोग्राम के छात्रों को ड्यूल डिग्री प्रोग्राम में जुड़ने से पहले प्रोफेशनल काउंसिल से मंजूरी लेनी पड़ेगी।
यूजीसी अभी तक एक समय में दो डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई करने की अनुमति नहीं देता था। हालांकि ड्यूल डिग्री पढ़ाई के लिए यूजीसी रेगुलेशन में बदलाव होगा। इसमें स्नातक और स्नातकोत्तर प्रोग्राम के लिए विषयों की सूची तैयार होगी। इसके तहत देखा जाएगा कि अगर कोई छात्र ड्यूल डिग्री की पढ़ाई करना चाहता है तो रेगुलर डिग्री के साथ दूसरी डिग्री में ओपन एंड डिस्टेेंस या ऑनलाइन डिग्री में कौन-कौन से विषयों को रखा जाएगा। फिलहाल अभी सर्टिफिकेट कोर्स के साथ डिग्री या डिप्लोमा कर सकते हैं। एमफिल या पीएचडी के साथ रेगुलर कोर्स नहीं कर सकेंगे।
शिक्षाविदों, छात्र, शिक्षकों से ली जाएगी राय
आयोग पहले मानव संसाधन विकास मंत्रालय से ड्यूल डिग्री प्रोग्राम के लिए मंजूरी लेगा। इसके बाद मसौदे पर शिक्षाविदों, छात्रों और शिक्षकों से राय लेगा। इसके अलावा देश के सभी विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों, उनकी काउंसिल से भी राय व सुझाव लिए जाएंगे।
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इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट में ड्यूल डिग्री
आईआईटी और कई विश्वविद्यालयों में अभी इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट में ड्यूल डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई होती है। हालांकि पांच वर्षीय डिग्री प्रोग्राम में बीटेक के बाद सीधे एमटेक और बीबीए के बाद सीधे एमबीए, बीसीए के बाद एमसीए आदि में दाखिला होता है। यह ड्यूल डिग्री इंटीग्रेटिड प्रोग्राम कहलाता है।
यूजीसी काउंसिल में ड्यूल डिग्री प्रोग्राम शुरू करने का आया था प्रस्ताव
पिछले दिनों यूजीसी काउंसिल की बैठक में स्नातक और स्नातकोत्तर प्रोग्राम में ड्यूल डिग्री प्रोग्राम शुरू करने का प्रस्ताव आया था। इसमें एक डिग्री नियमित मोड और दूसरी डिग्री ओपन एंड डिस्टेंस मोड या फिर ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम में से की जा सकेगी। हालांकि तकनीकी प्रोग्राम सिर्फ नियमित मोड से ही हो सकते हैं।
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यूजीसी अभी तक एक समय में दो डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई करने की अनुमति नहीं देता था। हालांकि ड्यूल डिग्री पढ़ाई के लिए यूजीसी रेगुलेशन में बदलाव होगा। इसमें स्नातक और स्नातकोत्तर प्रोग्राम के लिए विषयों की सूची तैयार होगी। इसके तहत देखा जाएगा कि अगर कोई छात्र ड्यूल डिग्री की पढ़ाई करना चाहता है तो रेगुलर डिग्री के साथ दूसरी डिग्री में ओपन एंड डिस्टेेंस या ऑनलाइन डिग्री में कौन-कौन से विषयों को रखा जाएगा। फिलहाल अभी सर्टिफिकेट कोर्स के साथ डिग्री या डिप्लोमा कर सकते हैं। एमफिल या पीएचडी के साथ रेगुलर कोर्स नहीं कर सकेंगे।
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शिक्षाविदों, छात्र, शिक्षकों से ली जाएगी राय
आयोग पहले मानव संसाधन विकास मंत्रालय से ड्यूल डिग्री प्रोग्राम के लिए मंजूरी लेगा। इसके बाद मसौदे पर शिक्षाविदों, छात्रों और शिक्षकों से राय लेगा। इसके अलावा देश के सभी विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों, उनकी काउंसिल से भी राय व सुझाव लिए जाएंगे।
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इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट में ड्यूल डिग्री
आईआईटी और कई विश्वविद्यालयों में अभी इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट में ड्यूल डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई होती है। हालांकि पांच वर्षीय डिग्री प्रोग्राम में बीटेक के बाद सीधे एमटेक और बीबीए के बाद सीधे एमबीए, बीसीए के बाद एमसीए आदि में दाखिला होता है। यह ड्यूल डिग्री इंटीग्रेटिड प्रोग्राम कहलाता है।
यूजीसी काउंसिल में ड्यूल डिग्री प्रोग्राम शुरू करने का आया था प्रस्ताव
पिछले दिनों यूजीसी काउंसिल की बैठक में स्नातक और स्नातकोत्तर प्रोग्राम में ड्यूल डिग्री प्रोग्राम शुरू करने का प्रस्ताव आया था। इसमें एक डिग्री नियमित मोड और दूसरी डिग्री ओपन एंड डिस्टेंस मोड या फिर ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम में से की जा सकेगी। हालांकि तकनीकी प्रोग्राम सिर्फ नियमित मोड से ही हो सकते हैं।