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बंगाल में 14 छात्राओं के निष्कासन के खिलाफ आंदोलन की राह पर हैं SRFTI के छात्र

Thu, 19 Oct 2017 01:17 AM IST
रीता तिवारी, कोलकाता
रीता तिवारी, कोलकाता Updated Thu, 19 Oct 2017 01:17 AM IST
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Students of SRFTI are on the way to agitation against the expulsion of 14 girls in Bengal
SRFTI Protest - फोटो : FILE PHOTO
महानगर स्थित केंद्र सरकार के संस्थान सत्यजित रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (एसआरएफटीआई) के छात्र संस्थान से 14 छात्राओं को निकालने के फैसले के खिलाफ आंदोलन की राह पर हैं। 
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इन छात्राओं ने लड़कों के लिए बने छात्रावास के कमरे खाली कर लड़कियों के लिए बने छात्रावास में जाने से इंकार कर दिया था। इसी वजह से 48 घंटे के अल्टीमेटम के बाद संस्थान प्रबंधन ने उनको निकालने का फैसला किया। मंगलवार को शुरू हुए आंदोलन के बाद प्रबंधन के अनुरोध पर संस्थान में पुलिस तैनात कर दी गई है।
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इस फैसले के खिलाफ आंदोलन पर उतरे छात्रों ने मंगलवार को ही मुख्य प्रशासनिक भवन पर ताला लगा दिया। नतीजतन निदेशक देवप्रिय मित्रा समेत कोई भी शिक्षक भवन में नहीं जा सका। 
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परिसर में धरने पर बैठे छात्रों ने अपने हाथों में पोस्टर ले रखे हैं जिन पर लिखा है- हमें निदेशक चाहिए तानाशाह नहीं और यह परिसर छात्रों के लिए है। संस्थान की निदेशक देवप्रिय मित्रा की दलील है कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही लड़कों व लड़कियों के लिए अलग-अलग छात्रावासों की व्यवस्था की गई है। लेकिन छात्रों की दलील है कि दूसरे गंभीर मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए ही प्रबंधन छात्रावास के मुद्दे को बेवजह तूल दे रहा है।


संस्थान की स्थापना के बाद से एक ही इमारत के अलग-अलग हिस्सों में छात्र व छात्राएं रहते आए थे। लेकिन परिसर में छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ने के बाद प्रबंधन ने दोनों के लिए अलग-अलग छात्रावासों की व्यवस्था करने का फैसला किया।

अलग छात्रावास बनने के बाद तमाम लड़कियां तो उसमें चली गईं। लेकिन 14 लड़कियों ने लड़कों के लिए बने छात्रावास से जाने से इंकार कर दिया। तीन महीने तक इस मुद्दे पर चले विवाद और अल्टीमेटम के बाद सोमवार शाम को उन सबको संस्थान से निकालने का फैसला किया गया। यह संस्थान के इतिहास में अपने किस्म की पहली घटना है।
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