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Hindi News ›   India News ›   Students of JNU, DU will do research on the unsung heroes of freedom, research will start simultaneously in 54 universities of the country

Unsung Heroes: जेएनयू, डीयू के छात्र करेंगे आजादी के गुमनाम नायकों पर शोध, देश के 54 विश्वविद्यालय में एक साथ शुरू होगी रिसर्च 

Sun, 03 Jul 2022 11:28 PM IST
Amit Mandal अमर उजाला, डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला, डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Amit Mandal Updated Sun, 03 Jul 2022 11:28 PM IST
सार

अनुसूचित जनजाति आयोग की तरफ से बुलाई गई इस अहम बैठक में देशभर में जेएनयू, डीयू समेत देश के 54 विश्वविद्यालय के कुलपति शामिल हुए।

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Students of JNU, DU will do research on the unsung heroes of freedom, research will start simultaneously in 54 universities of the country
अहम विश्वविद्यालयों के कुलपतियों का जमावड़ा - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पीएम नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुसार स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ पर देशभर में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार को आईआईटी दिल्ली में देशभर के सभी अहम विश्वविद्यालयों के कुलपतियों का जमावड़ा लगा। इस दौरान विश्वविद्यालयों के छात्र कैसे जनजाति नायकों की कहानी,संस्कृति और सभ्यता के बारे में जान सके इसे लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष हर्ष चौहान ने की। इस दौरान आयोग के सदस्य अनंत नायक समेत अन्य लोग भी मौजूद थे।

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अनुसूचित जनजाति आयोग की तरफ से बुलाई गई इस अहम बैठक में देशभर में जेएनयू, डीयू समेत देश के 54 विश्वविद्यालय के कुलपति शामिल हुए। बैठक में जनजाति नायकों कहानी कैसे विश्वविद्यालयों के छात्रों तक कैसे पहुंचे इसे लेकर रूपरेखा तैयार की गई। आयोग के अध्यक्ष हर्ष चौहान ने बैठक में कहा कि, देशभर में कई जगह जनजाति नायकों ने अंग्रेजों के खिलाफ कई बड़ी और अहम लड़ाइयां लड़ी है। देश की आजादी के लिए बलिदान भी दिया है। लेकिन आज हम कुछ ही नायकों को जानते है। अन्य की कहानी आजतक छात्र और समाज के सामने नहीं आ सकी है।
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चौहान ने कहा, ऐसे ही गुमनाम नायकों के नाम छात्र और समाज जान सके इसके लिए आयोग देशभर के विश्वविद्यालय के साथ मिलकर एक पहल करने जा रहा है। इसमें छात्रों प्रेरित किए जाएगा कि वे ऐसे गुमनाम नायकों पर शोध करें ताकि अन्य छात्र और समाज भी उनके बारे में जान सकें। छात्रों द्वारा किए जाने वाले यह शोध जनजातियों नायकों की सभ्यता, संस्कृति और जनजाति समाज को लेकर किए जाएंगे। जल्द ही आयोग की एक कमेटी देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों में जाकर छात्रों से जनजाति नायकों के बारे में चर्चा भी करेगी।

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