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यूपीए कार्यकाल में 'मैंगो पीपल' लिखकर चर्चा में आए थे वाड्रा, विवादों से पुराना नाता

Thu, 07 Feb 2019 03:22 PM IST
Shilpa Thakur शिल्पा ठाकुर, नई दिल्ली
शिल्पा ठाकुर, नई दिल्ली Published by: Shilpa Thakur Updated Thu, 07 Feb 2019 03:22 PM IST
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सार
  • पहले भी कई बार विवादों में रहे हैं वाड्रा।
  • खूब आलोचना हुई थी 'मैंगो पीपल' वाली पोस्ट की।
  • राष्ट्रीय चर्चा का मुद्दा बने वाड्रा।
  • प्रियंका की जरूरत नहीं वाला बयान भी खूब चर्चा में रहा।
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Story of Robert Vadra and his controversies
रॉबर्ट वाड्रा - फोटो : social media

विस्तार

कांग्रेस पार्टी की महासचिव और पूर्वी उत्तरप्रदेश की पार्टी प्रभारी प्रियंका गांधी के पति राबर्ट वाड्रा से मनी लॉन्डरिंग मामले में गुरुवार को भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूछताछ की। इससे पहले बुधवार को भी उनसे छह घंटे तक पूछताछ की गई थी। इस ममाले पर जहां भाजपा भरपूर वार कर रही है वहीं कांग्रेस भी पलटवार का कोई मौका नहीं छोड़ रही है। ईडी ने लंदन के ब्रायंस्टन स्क्वायर में 19 लाख पाउंड की संपत्ति खरीदने को लेकर वाड्रा के खिलाफ मनी लांड्रिंग के तहत मामला दर्ज किया है। वकील का कहना था कि राजनीतिक शत्रुता के चलते वाड्रा को फंसाया गया है।



आज वाड्रा राष्ट्रीय चर्चा का मुद्दा बन चुके हैं। हर जगह केवल इन्हीं की चर्चे है। लेकिन क्या ऐसा पहली बार हो रहा है। जी नहीं... वह पहले भी ऐसे ही राष्ट्रीय चर्चा का मुद्दा बन चुके हैं। अगर कहें कि वाड्रा और विवादों का चोली दामन का साथ है तो कुछ गलत नहीं होगा।

पहली बार कब आए खबरों में

वाड्रा पहली बार खबरों में तब आए जब उन्होंने 1997 में प्रियंका गांधी से शादी की। बहुत से लोग प्रियंका की पसंद जानकर आश्चर्यचकित हो गए। वाड्रा मुरादाबाद के एक पीतल व्यापारी के बेटे थे। जबकि प्रियंका काफी बड़े राजनीतिक घराने से थीं। वाड्रा ब्रितानी स्कूल से ए-लेवल पास करने बाद कॉलेज तक नहीं गए थे और उनके कुछ नजदीकी रिश्तेदारों का राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ या आरएसएस से नजदीकी रिश्ता था, जिसे उन लोगों की तरफ से जमीन और संपत्ति तक दान में मिली थी।

वाड्रा-डीएलएफ विवाद

बात अक्तूबर 2012 की है, तब आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाए थे कि रॉबर्ट वाड्रा ने दिल्ली और आसपास में कई जमीन-जायदाद खरीदी है। जिसके लिए रियल इस्टेट कंपनी डीएलएफ की ओर से धन से आया है। कंपनी ने रॉबर्ट वाड्रा को 'गैर जमानती ब्याज मुक्त कर्ज' दिए। बाद में वाड्रा और डीएलएफ दोनों ने इन आरोपों से इनकार कर दिया। मामले की जांच जारी है। आरोप लगाए गए कि वाड्रा ने इसके लिए गांधी परिवार के नाम का गलत इस्तेमाल किया।

ये भी हैं विवाद

रॉबर्ट वाड्रा
रॉबर्ट वाड्रा - फोटो : social media

अशोक खेमका विवाद 

आईएएस अफसर अशोक खेमका को वाड्रा के जमीन विवाद मामले में व्हिसल-ब्लोअर माना जाता है और रिपोर्टों के मुताबिक सरकारों के फैसलों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण 23 सालों में उनका 45 बार तबादला हो चुका है। अशोक खेमका का आरोप था कि कांग्रेस सरकार ने उन पर इसलिए निशाना साधा और परेशान किया क्योंकि उन्होंने रॉबर्ड वाड्रा और डीएलएफ के बीच समझौते को रद्द कर दिया था।

'मैंगो पीपल' विवाद

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जब रॉबर्ट वाड्रा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे तो उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लिखा – 'मैंगो पीपल इन बनाना रिपब्लिक'। इसका मतलब निकाला गया कि वाड्रा ने भारत को बनाना रिपब्लिक और लोगों को मैंगो पीपल कहा है। अपनी टिप्पणी पर विवाद होने के बाद वाड्रा ने अपना फेसबुक अकाउंट बंद कर दिया। इसे घोर आपत्तिजनक और देश विरोधी बताते हुए इंडिया अगेंस्ट करप्शन के सदस्यों ने मांग की कि वे इसके लिए वाड्रा तुरंत देश से माफी मांगें।

गुस्सा विवाद

साल 2014 में जब समाचार एजेंसी एएनआई के एक पत्रकार ने जमीन विवाद पर वाड्रा से सवाल पूछा तो वह काफी गुस्सा हो गए और उन्होंने उल्टा पत्रकार से पूछा, 'क्या आप गंभीर हैं?' और फिर ये बात बार-बार दोहराई और फिर माइक को झटककर आगे बढ़ गए।

प्रियंका की जरूरत नहीं

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान अप्रेल 2016 में रॉबर्ट वाड्रा ने कहा था, "अपनी जिंदगी सुधारने के लिए मुझे प्रियंका की जरूरत नहीं थी।" वाड्रा ने कहा, "मेरे पास काफी था, मेरे पिता ने मुझे बहुत कुछ दिया था। उन्होंने मुझे शिक्षा दी।"

सुरक्षा जांच को लेकर भी जु़ड़ा है एक विवाद

रॉबर्ट वाड्रा
रॉबर्ट वाड्रा - फोटो : PTI

चुनाव की ओर?

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक साल 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान मीडिया से बातचीत में रॉबर्ट वाड्रा ने कहा था कि उन पर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से चुनाव लड़ने का बहुत दबाव था लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ने से मना कर दिया। उन्होंने कहा, "लोग मांग कर रहे थे कि मैं (सुल्तानपुर से) चुनाव लड़ूं लेकिन मेरे मन में साफ था कि ये सही जगह नहीं है। मुझे मेरे परिवार की वजह से पहचाना जा रहा है।" इस बयान से इस बात को काफी बल मिला कि वाड्रा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

सुरक्षा जांच

घरेलू हवाईअड्डों पर सुरक्षा जांच से मुक्त वाली सूची में रॉबर्ड वाड्रा का नाम भी शामिल किया गया था। इसे लेकर कई दिनों तक काफी हंगामा भी मचा। फिर सितंबर 2015 में खबर आई कि वाड्रा को उस सूची से हटा दिया गया है। लेकिन मई 2016 को टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में कहा गया कि कुछ मामलों में अभी भी रॉबर्ड वाड्रा सुरक्षा जांच से मुक्त हैं।

फिलहाल जांच एजेंसी का कहना है कि आयकर विभाग फरार हथियार कारोबारी संजय भंडारी के खिलाफ काला धन कानून और कर कानून के तहत दर्ज मामलों की जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि उसके संबंध वाड्रा के करीबी मनोज अरोड़ा के साथ हैं।

जब अरोड़ा से पूछताछ हुई तो जांच एजेंसी को कई ऐसी बातें पता चलीं जिसका अप्रत्यक्ष जुड़ाव वाड्रा के साथ पाया गया। यह आरोप है कि भंडारी ने 19 लाख पाउंड में जो प्रोपर्टी खरीदी थी, उस पर 65900 पाउंड खर्च करने के बाद उसे उतनी ही रकम में वाड्रा काे बेच दिया गया। इससे साफ हो गया कि भंडारी इस संपत्ति का वास्तविक मालिक नहीं था। उसने वाड्रा को फायदा पहुंचाने के लिए यह सौदा किया था।

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