संसद का मानसून सत्र कब, कैसे और किस तरह? अभी भी बरकरार है असमंजस
- सीसीपीए की बैठक के बाद हो पाएगा साफ, 10 सितंबर से सत्र चलने के कयास
- राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों और दर्शक दीर्घा में बैठेंगे सांसद
- दिन में दो पाली। एक पाली राज्यसभा, दूसरी पाली लोकसभा का चलेगा सत्र
- मीडिया की नो एंट्री, दर्शक, अतिथियों को प्रवेश नहीं, सोशल डिस्टेंसिंग का होगा पालन
- विपक्ष के पास घेरने के लिए और सरकार के पास है कहने के लिए बहुत कुछ
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विस्तार
विपक्ष को संसद के मानसून सत्र की बेसब्री से प्रतीक्षा है। उसके पास लद्दाख में चीन की घुसपैठ, कोविड-19 संक्रण से निबटने में सरकार की खामी, देश में बढ़ रही बेरोजगारी, महंगाई, तेल के दाम, मध्य वर्ग की टूटती कमर, गिरता आयात-निर्यात समेत सरकार को घेरने के लिए तमाम मुद्दे हैं। सरकार के पास भी विपक्ष का जवाब देने और कहने के लिए बहुत कुछ है। राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला भी सत्र को लेकर लगातार संवेदनशील हैं, लेकिन अभी सारा निर्णय प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली राजनीतिक मामलों कैबिनेट बैठक पर टिका है। संसदीय सचिवालय सूत्रों के अनुसार अगले सप्ताह यह बैठक हो सकती है और इसके बाद सत्र को लेकर कोई अंतिम निर्णय हो सकता है।
10 सितंबर से संसद का सत्र बुलाने के तैयार है लोकसभा और राज्यसभा
सचिवालय सूत्रों के अनुसार 23 सितंबर को मानसून सत्र का समय समाप्त हो रहा है। इससे पहले मानसून सत्र शुरू हो जाने की पूरी संभावना है। यह दो सप्ताह या चार सप्ताह का हो सकता है। संसद के मानसून सत्र में अभी हर दिन एक पाली में राज्यसभा और दूसरी पाली में लोकसभा की बैठक आहूत करने की तैयारी है। राज्यसभा और लोकसभा के सदस्य दोनों सदनों, सदनों में ऊपर मौजूद दर्शक दीर्घा में भी बैठेंगे और टीवी स्क्रीन समेत संवाद माध्यमों के जरिए सदन की बैठक को निर्बाध जारी रखने की तैयारी की गई है।
सैनेटाइजेशन, सोशल डिस्टेसिंग का पूरा ध्यान रखा जाएगा। दर्शकों, अतिथियों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा और संसद के आवश्यक स्टाफ को ही आने की अनुमति दी जा सकती है। बताते हैं कि उम्मीद है मानसून सत्र सत्र दस सितंबर से आरंभ होगा। बताते हैं संसद के मानसून सत्र के लिहाज से तकनीकी, सुरक्षा और चिकित्सीय दृष्टि से तैयारियों को पूरा कर लिया गया है। सांसदों की सुरक्षा का ध्यान रखकर विशेष स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार किए गए हैं। इसके लिए कई दर्जन उच्चस्तर की बैठकें की गई हैं। सत्र की कार्यवाही में स्मूथनेस लाने के लिए इलेक्ट्रानिंक संचार माध्यम और तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।
मीडिया से डिजिटली कनेक्ट रहेंगे
संसद के मानसून सत्र में मीडिया के प्रवेश को भी प्रतिबंधित किया जा सकता है। केवल राज्यसभा, लोकसभा, दूरदर्शन और समाचार एजेंसी को ही संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही को कवर करने की इजाजत मिल सकती है। राज्यसभा और लोकसभा दोनों सचिवालय के सूत्रों का कहना है कि अभी इस बारे में स्पष्ट गाइडलाइन आनी बाकी है।
समझा जा रहा है कि सितंबर के पहले सप्ताह तक मीडिया को लेकर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहली बार संसद के दोनों सदनों में राज्यसभा और लोकसभा के सदस्य बिठाए जाने की योजना है।
इतना ही नहीं सोशल डिस्टेसिंग, सुरक्षा के मानक का पालन करते हुए सदस्यों को दर्शक दीर्घा में भी बैठाने की योजना तैयार हो रही है। ऐसे में मीडिया और अन्य को कार्यवाही कवर करने की अनुमति देने की संभावना न के बराबर है। मुझे लगता है कि सब डिजिटली कनेक्ट रहेंगे।
लोकसभा-राज्यसभा सचिवालय के पास अलग-अलग जानकारी
राज्यसभा सचिवालय के सूत्रों का कहना है कि संसद के मानसून सत्र की बैठक सुबह-दोपहर बाद की दो पाली में होगी। एक पाली में राज्यसभा की कार्यवाही और दूसरे में लोकसभा की चलेगी। दोनों सदनों के सदस्य एक दूसरे के सदन में बैठेंगे। जबकि लोकसभा का कहना है कि उसके पास इस तरह की जानकारी अभी नहीं आई है।
लोकसभा सचिवालय सूत्रों के अनुसार यह भी हो सकता है कि एक दिन दोनों सदनों में राज्यसभा के सदस्य बैंठे और दूसरे दिन लोकसभा के सदस्य चर्चा करें। बताते हैं प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में राजनीतिक मामलों की केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक होने के बाद अपने आप स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।