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Rajya Sabha: 'राज्यों को मिले राज्यपाल नियुक्त करने की शक्ति', माकपा सांसद शिवदासन ने की मांग

Fri, 08 Dec 2023 07:02 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 08 Dec 2023 07:02 PM IST
सार

Rajya Sabha: मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सांसद शिवदासन ने पिछले साल नौ दिसंबर को सदन में विधेयक पेश किया था। शुक्रवार को विधेयक पर चर्चा शुरू करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल केंद्र सरकार के हथियार के रूप में काम कर रहे हैं। 

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States should be given power to appoint governors: CPI(M) MP V Sivadasan
माकपा सांसद वी शिवदासन - फोटो : संसद टीवी

विस्तार

लोगों की इच्छा का सम्मान करते हुए राज्यों को राज्यपाल नियुक्त करने का अधिकार देने के लिए संविधान में संशोधन की आवश्यकता है। यह बात माकपा सांसद वी शिवदासन ने शुक्रवार को राज्यसभा में कही। 

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शिवदासन ने सदस्यों से संविधान संशोधन विधेयक, 2022 (अनुच्छेद 153 में संशोधन और अनुच्छेद 155 व 156 में प्रतिस्थापन) को पारित करने के लिए समर्थन करने को कहा। बता दें कि शिवदासन की पार्टी की केरल में सरकार है और वह राज्य के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के साथ जुबानी जंग में उलझी हुई है। 

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मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता ने पिछले साल नौ दिसंबर को सदन में विधेयक पेश किया था। शुक्रवार को विधेयक पर चर्चा शुरू करते हुए शिवदासन ने आरोप लगाया कि राज्यपाल केंद्र सरकार के हथियार के रूप में काम कर रहे हैं। 

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उन्होंने आगे कहा, यह एक बहुत ही जरूरी विधेयक है। यह जनहित में है कि राज्यपाल के पद को राष्ट्रपति द्वारा नहीं, बल्कि केंद्र सरकार की सलाह के तहत भरे जाने की आवश्यकता है। राज्यपाल की नियुक्ति राज्य द्वारा ही की जानी चाहिए। लोगों की इच्छा का सम्मान किया जाना चाहिए।

वाम नेता ने कहा कि संघवाद राष्ट्र के मूल ढांचे के साथ-साथ संविधान का भी हिस्सा है। उन्होंने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर राज्यों की शक्ति को कम करने के लिए चौबीसों घंटे काम करने का आरोप लगाया।उन्होंने आरोप लगाया, 'इस सब में राज्यपाल केंद्र सरकार के एजेंडे को लागू करने का एक साधन बन गए हैं।' माकपा सांसद ने औपनिवेशिक काल की विरासत को खत्म करने के लिए सदस्यों का समर्थन मांगा।  

शिवदासन पर पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अनिल अग्रवाल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राज्यपाल की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिवदासन से विधेयक वापस लेने का आग्रह किया। अग्रवाल ने सदस्यों से उच्च सदन में विधेयक का समर्थन न करने को भी कहा। इससे पहले राज्यसभा में करीब 70 निजी विधेयक पेश किए गए थे। 

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