कैसे होगा टीकाकरण? राज्यों के पास टीका तो है ही नहीं
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक आंकड़ा जारी किया है। इस आंकड़े के अनुसार देश के राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के पास एक करोड़, 06 लाख, 19 हजार 892 टीके की डोज मौजूद है...
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देश में भले ही 18 साल से अधिक उम्र वालों का कोरोना टीका का पंजीकरण शुरू हो गया है, लेकिन राज्य सरकारों के पास टीका ही नहीं है। केन्द्र सरकार के स्टॉक में भी टीका नहीं है। टीकाकरण अभियान के अधिकारियों का कहना है कि टीके की नई खेप आने में समय लग सकता है। ऐसे में टीकाकरण अभियान प्रभावित हो सकता है।
नेशनल कोविड टास्क फोर्स, आईसीएमआर के चेयरमैन डा. एन के अरोड़ा का कहना है कि एक महीने में अधिकतम 6-7 करोड़ टीका उत्पादन की ही क्षमता है। मई 2021 तक देश में विदेशी वैक्सीन के उपलब्ध हो पाने की संभावना है। वहीं जिस तरह से लोग टीका पंजीकरण के लिए उत्साह दिखा रहे हैं, उससे कोरोना टीकाकरण प्रभावित हो सकता है। टीका की कमी होने की पूरी संभावना है।
बस चार दिन का टीका का स्टॉ़क
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक आंकड़ा जारी किया है। इस आंकड़े के अनुसार देश के राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के पास एक करोड़, 06 लाख, 19 हजार 892 टीके की डोज मौजूद है। फिलहाल देश में 68 हजार टीका केन्द्र हैं और इन केन्द्रों पर एक दिन में अधिकतम 28 लाख लोगों ने टीका लगवाया है। इस तरह से यदि अधिकतम 28 लाख लोग ही टीका लगवाते हैं तो राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के पास केवल चार दिन का ही टीका के स्टॉक बचा है। केन्द्र सरकार के स्टॉक में भी टीका काफी कम है।