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गुजरात: सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला, 30 साल बाद रिटायर होने वाले कर्मचारी को दिया जाए पेंशन लाभ
Sat, 19 Feb 2022 04:11 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 19 Feb 2022 04:11 PM IST
सार
न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि राज्य को अपनी गलती का लाभ लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : social media
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात उच्च न्यायालय के उस आदेश को बरकरार रखा है जिसमें राज्य सरकार को 30 साल से अधिक की सेवा के बाद सेवानिवृत्त होने वाले व्यक्ति को पेंशन लाभ का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था। न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि राज्य को अपनी गलती का लाभ लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
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पीठ ने कहा, 30 साल तक लगातार सेवाएं लेना और उसके बाद यह तर्क देना कि एक कर्मचारी जिसने 30 साल की लगातार सेवा की है, पेंशन के लिए पात्र नहीं होगा, अनुचित बात के अलावा और कुछ नहीं है। शीर्ष अदालत ने कहा कि एक कल्याणकारी संस्था के रूप में राज्य को ऐसा रुख नहीं अपनाना चाहिए था।
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पीठ ने कहा कि मौजूदा मामले में उच्च न्यायालय ने प्रतिवादी को पेंशन लाभ का भुगतान करने के लिए राज्य को निर्देश देने में कोई गलती नहीं की है, जो 30 साल से अधिक सेवा प्रदान देने के बाद सेवानिवृत्त हो गया है।
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