Tirupati: तिरुपति में सीएम नायडू ने किया वेंगाम्बा सेंट्रलाइज्ड किचन का उद्घाटन, प्रसादम को लेकर जारी है विवाद
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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू श्रीवारी वर्षिका ब्रह्मोत्सवम के मौके पर तिरुमाला के तिरुमाला देवस्थानम में वेंगाम्बा सेंट्रलाइज्ड किचन के उद्घाटन में शामिल हुए। तिरुपति मंदिर पिछले कुछ दिनों से विवादों में है। दरअसल, मंदिर के प्रसाद में इस्तेमाल की जाने वाली घी में पशु चर्बी की पुष्टि होने के बाद से ही मंदिर विवादों के घेरे में आ गया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने जांच के लिए एक नई स्वतंत्र एसआईटी गठित करने का आदेश दिया है। कोर्ट के अनुसार, एसआईटी में सीबीआई के दो अधिकारी, आंध्र प्रदेश पुलिस के दो अधिकारी और एफएसएसएआई का एक वरिष्ठ अधिकारी होगा। सीबीआई निदेशक एसआईटी जांच की निगरानी करेंगे।
#WATCH | On the occasion of Srivari Varshika Brahmotsavam, Andhra Pradesh CM N Chandrababu Naidu participates in the opening of Vengamamba Centralised Kitchen in Tirumala Tirupati Devasthanam, Tirumala.
विज्ञापन— ANI (@ANI) October 5, 2024
(Source: AP I&PR) pic.twitter.com/shene7Jdfo
तिरुपति के लड्डूओं की गुणवत्ता में हुआ सुधार: मुख्यमंत्री नायडू
इस बीच नायडू ने शनिवार को कहा कि तिरुमला की पहाड़ियों पर स्थित भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं ने ‘लड्डू प्रसादम’ की गुणवत्ता पर संतोष जताया है। तिरुमला की पहाड़ियों पर तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) द्वारा स्थापित वकुलामठ केंद्रीकृत रसोईघर का उद्घाटन करने के बाद नायडू ने मीडिया कर्मियों से कहा कि लड्डू प्रसादम बनाने के लिए प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता की जांच के लिए प्रयोगशालाएं स्थापित करने के अलावा, अगर जरूरत पड़ी तो टीटीडी तिरुमला में पूरी प्रक्रिया पर सुझाव लेने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) तिरुपति से भी परामर्श ले सकता है।
सीएम नायडू ने लगाए थे आरोप
इससे पहले आंध्र में जून में सत्ता परिवर्तन हुआ था। जिसके बाद चंद्रबाबू नायडू की पार्टी सत्ता में वापस आई है। मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद चंद्रबाबू नायडू ने मंदिर के लड्डुओं में मिलावट की आशंका जाहिर की थी। जिसके बाद मंदिर प्रशासन ने सप्लाई किए गए घी के सैंपल लेकर जांच के लिए गुजरात स्थित डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) की लैब 'सेंटर ऑफ एनालिसिस एंड लर्निंग इन लाइव स्टॉक एंड फूड' (CALF) भेजे थे। जिसके बाद लैब की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए।
एनडीडीबी लैब की रिपोर्ट से पता चला कि शुद्ध घी में शुद्ध दूध में वसा की मात्रा 95.68 से लेकर 104.32 तक होना चाहिए था। लेकिन सैंपल्स में मिल्क फैट की वेल्यू 20 ही पाई गई थी। जिससे इस मिलावटी घी के बारे में खुलासा हुआ। लैब की रिपोर्ट के मुताबिक इन सैंपल में सोयाबीन, सूरजमुखी, जैतून का तेल, गेंहू, मक्का, कॉटन सीड, मछली का तेल, नारियल, पाम ऑयल, बीफ टैलो, लार्ड जैसे तत्व पाए गए हैं। इस घी को चेन्नई की AR डेयरी एंड एग्रो प्रोडक्ट्स नाम की कंपनी ने सप्लाई किया था।
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