Sunday on Cycle: रंग ला रहा खेल मंत्रालय का 'संडे ऑन साइकिल' अभियान, मोटापे के खिलाफ लड़ाई में दे रहा योगदान
मोटापे की समस्या को दूर करने के लिए खेल मंत्रालय ने संडे ऑन साइकिल अभियान शुरू किया है। नागरिक समाज, खिलाड़ियों और प्रमुख सार्वजनिक हस्तियां और प्रमुख समूह रविवार को सुबह साइकिल चलाने के लिए भारत भर में विभिन्न स्थानों पर एकत्रित होते हैं और साइकिल चलाते हैं। खास बात है कि खेल मंत्री मनसुख मंडाविया भी कार्यक्रम में शामिल होते हैं।
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इस कार्यक्रम के तहत नागरिक समाज, खिलाड़ियों और प्रमुख सार्वजनिक हस्तियां और प्रमुख समूह रविवार को सुबह साइकिल चलाने के लिए भारत भर में विभिन्न स्थानों पर एकत्रित होते हैं और साइकिल चलाते हैं। खास बात है कि पिछले साल दिसंबर से शुरू हुई इस पहल का खेल मंत्री मनसुख मंडाविया खुद नेतृत्व करते हैं।
भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव ने बताया कि इस अभियान में अब तक पांच हजार स्थानों पर दो लाख से अधिक लोग भाग ले चुके हैं। कार्यक्रम में हमें आईटीबीपी, भारतीय सेना, खेल क्लब, विशिष्ट साइक्लिंग क्लब और फिक्की का भी सहयोग मिलता है। उन्होंने कहा कि खेल मंत्री के साथ ही भारोत्तोलक मीराबाई चानू, मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन और अभिनेता तथा भारतीय रग्बी महासंघ के प्रमुख राहुल बोस जैसे ओलंपिक पदक विजेता एथलीट भी सैकड़ों उत्साही लोगों के साथ साइकिल चलाने के लिए पहुंचे हैं।
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उप महानिदेशक ने कहा कि पीएम मोदी स्वस्थ जीवनशैली पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने लोगों को तेल की औसत खपत में 10 प्रतिशत की कटौती करने की सलाह दी है। 'संडे ऑन साइकिल' के साथ खेल मंत्रालय स्वस्थ जीवनशैली के संदेश को आगे बढ़ा रहा है। श्रीवास्तव ने कहा कि हमने फिट इंडिया एप में कार्बन क्रेडिट की गणना शुरू कर दी है। हमारी योजना है कि कंपनियों के साथ गठबंधन किया जाए, ताकि साइकिल चलाकर किसी व्यक्ति द्वारा जमा किए गए कार्बन क्रेडिट के लिए वित्तीय प्रोत्साहन दिया जा सके। जहां तक बुनियादी ढांचे का सवाल है, वह हमारा क्षेत्राधिकार नहीं है, लेकिन हम समर्पित साइकिलिंग लेन के लिए संबंधित विभागों से अनुरोध कर सकते हैं।
साइकिल मुहैया कराता है साई
साई के अधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम में 10 साल की उम्र से लेकर 60 या 70 साल की उम्र तक के बच्चे, माता-पिता और कभी-कभी दादा-दादी भी शामिल होते हैं। साइकिलें साई की ओर से ही आयोजन स्थल पर उपलब्ध कराई जाती हैं। साथ ही ज़ुम्बा के जरिये इस कार्यक्रम को मजेदार बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि युवा या कोई भी व्यक्ति इस तरह के आयोजन में तभी भाग लेगा जब यह मजेदार होगा। यह कुछ ऐसा होना चाहिए जिसे वे सोशल मीडिया पर दिखा सकें। साई ने लोगों को स्वस्थ तरीके से उत्सव का माहौल प्रदान करने की कोशिश की है। इस पहल से देश में फिटनेस मानकों को बेहतर बनाने में कितनी मदद मिलेगी, इसका आकलन करने में अभी समय है। अधिकारी ने कहा कि फिलहाल आकलन के लिए कोई पैमाना नहीं है, क्योंकि कुछ ही महीने हुए हैं, लेकिन लंबे समय में इसके प्रभाव को समझने के लिए आकलन किया जाएगा।
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एक सर्वे के मुताबिक 24 प्रतिशत भारतीय महिलाएं और 23 प्रतिशत पुरुष या तो अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) के अनुसार बच्चों में भी मोटापा बढ़ रहा है। सर्वे के मुताबिक पांच वर्ष से कम आयु के अधिक वजन वाले बच्चों की संख्या 2.1 प्रतिशत से बढ़कर 3.4 प्रतिशत हो गई है।
पहलगाम हमले के चलते नहीं हुआ कार्यक्रम
रविवार को पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के सम्मान में कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया, लेकिन 25 मई से यह कार्यक्रम पुनः शुरू हो जाएगा। साई के अधिकारी ने कहा कि जून में कार्यक्रम पर कुछ समय के लिए ब्रेक लग सकता है, क्योंकि तब सुबह का तापमान अधिक होता है और आर्द्रता के कारण कुछ व्यवधान उत्पन्न हो सकते हैं, जो हम नहीं चाहते। फिलहाल सुबह का मौसम सुहाना है, इसलिए कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।