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Spicejet: विमान में यात्री को दिया सिर्फ एक बर्गर और फ्राइज, उपभोक्ता आयोग ने लगाया 55 हजार रुपये जुर्माना
Tue, 02 Sep 2025 05:01 AM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: बशु जैन
Updated Tue, 02 Sep 2025 05:01 AM IST
सार
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (मुंबई उपनगरीय) के अध्यक्ष प्रदीप कडू और सदस्य गौरी एम. कापसे ने कहा कि तकनीकी खराबी के कारण देरी हुई और एयरलाइंस उड़ान के आगे की यात्रा के लिए तैयार और चालू होने तक अपने यात्रियों की देखभाल करने के अपने कर्तव्य से बच नहीं सकती।
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Spicejet
- फोटो : ANI
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विस्तार
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने स्पाइसजेट को एक यात्री को 55 हजार रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है। आयोग ने पाया कि 14 घंटे की उड़ान देरी के लिए एक बर्गर और फ्राइज अपर्याप्त व्यवस्था थी।
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (मुंबई उपनगरीय) के अध्यक्ष प्रदीप कडू और सदस्य गौरी एम. कापसे ने पिछले सप्ताह यह आदेश पारित किया था। इसका विवरण सोमवार को उपलब्ध कराया गया है। आयोग ने कहा कि तकनीकी खराबी के कारण देरी हुई और एयरलाइंस उड़ान के आगे की यात्रा के लिए तैयार और चालू होने तक अपने यात्रियों की देखभाल करने के अपने कर्तव्य से बच नहीं सकती।
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आयोग ने कहा कि एयरलाइंस केवल यह कहकर खुद को नहीं बचा सकती कि यात्रा क्षेत्र में पुनर्निर्धारण, रद्दीकरण और देरी आदि सामान्य हैं। ऐसी स्थिति में भोजन, पानी और आवश्यक विश्राम क्षेत्र की पर्याप्त व्यवस्था जरूरी है। यात्रियों को पूरी जानकारी दी जानी चाहिए।
आयोग ने कहा कि इस तथ्य से इन्कार नहीं किया जा सकता कि 14 घंटे से अधिक की देरी के दौरान यात्रियों को केवल एक बर्गर और फ्राइज दिए गए। शिकायतकर्ता ने 27 जुलाई, 2024 के लिए दुबई से मुंबई के लिए स्पाइसजेट की उड़ान बुक की थी, जिसमें अत्यधिक देरी हुई थी।
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आयोग ने फैसला सुनाया कि यात्री को हुए खर्च और मानसिक पीड़ा के लिए 50 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए। साथ ही एयरलाइन को शिकायतकर्ता को मुकदमे की लागत के रूप में 5,000 रुपये देने का भी निर्देश दिया।
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जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (मुंबई उपनगरीय) के अध्यक्ष प्रदीप कडू और सदस्य गौरी एम. कापसे ने पिछले सप्ताह यह आदेश पारित किया था। इसका विवरण सोमवार को उपलब्ध कराया गया है। आयोग ने कहा कि तकनीकी खराबी के कारण देरी हुई और एयरलाइंस उड़ान के आगे की यात्रा के लिए तैयार और चालू होने तक अपने यात्रियों की देखभाल करने के अपने कर्तव्य से बच नहीं सकती।
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आयोग ने कहा कि एयरलाइंस केवल यह कहकर खुद को नहीं बचा सकती कि यात्रा क्षेत्र में पुनर्निर्धारण, रद्दीकरण और देरी आदि सामान्य हैं। ऐसी स्थिति में भोजन, पानी और आवश्यक विश्राम क्षेत्र की पर्याप्त व्यवस्था जरूरी है। यात्रियों को पूरी जानकारी दी जानी चाहिए।
आयोग ने कहा कि इस तथ्य से इन्कार नहीं किया जा सकता कि 14 घंटे से अधिक की देरी के दौरान यात्रियों को केवल एक बर्गर और फ्राइज दिए गए। शिकायतकर्ता ने 27 जुलाई, 2024 के लिए दुबई से मुंबई के लिए स्पाइसजेट की उड़ान बुक की थी, जिसमें अत्यधिक देरी हुई थी।
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आयोग ने फैसला सुनाया कि यात्री को हुए खर्च और मानसिक पीड़ा के लिए 50 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए। साथ ही एयरलाइन को शिकायतकर्ता को मुकदमे की लागत के रूप में 5,000 रुपये देने का भी निर्देश दिया।