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CRPF: अमित शाह-राहुल गांधी सहित 115 लोगों की हिफाजत में लगे जवान इस अलाउंस से दूर; SPG कर्मी ले रहे 55 फीसदी

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Wed, 09 Aug 2023 05:07 PM IST
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सार
चार साल पहले तक स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानी 'एसपीजी' के दायरे में रहे पांच वीआईपी को भी अब सीआरपीएफ सुरक्षा मिली हुई है। इसके बावजूद सीआरपीएफ के जांबाजों को 'स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस' नहीं दिया जा रहा।
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SPG personnel taking 55% SSA allowance but not CRPF Jawan who protect Amit Shah-Rahul Gandhi and 113 Other VIP
सीआरपीएफ के जवान अमित शाह और राहुल गांधी की भी सुरक्षा करते हैं - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सीआरपीएफ की सिक्योरिटी विंग, देश में सर्वाधिक वीआईपी (लगभग 115) को सुरक्षा मुहैया करा रही है। अति विशिष्ट लोगों की सुरक्षा में लगे सीआरपीएफ कमांडो बहादुरी के कई कारनामों में दुनिया भर में सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं। विश्व की सबसे विशिष्ट फोर्स 'कोबरा' यानी (कमांडो बटालियन फॉर रिसोल्यूट एक्शन) विंग से अनेक कमांडो 'जेड प्लस' व अन्य सुरक्षा श्रेणी में आते रहते हैं। चार साल पहले तक स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानी 'एसपीजी' के दायरे में रहे पांच वीआईपी को भी अब सीआरपीएफ सुरक्षा मिली हुई है। इसके बावजूद सीआरपीएफ के जांबाजों को 'स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस' नहीं दिया जा रहा। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय को फाइल भेजी गई थी, लेकिन वहां से उसे बिना किसी स्वीकृति के वापस लौटा दिया गया। दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में तैनात एसपीजी को 55 फीसदी 'स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस' मिल रहा है। 


गृह मंत्रालय ने वापस लौटा दी भत्तों की फाइल ... 
सूत्रों का कहना है, सीआरपीएफ सुरक्षा वाले 'वीआईपी' देश के हर हिस्से में मिल जाएंगे। इन्हें अभी केवल मूल वेतन दिया जा रहा है। 'स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस' को लेकर कई बार मांग उठी है, लेकिन उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय को जो प्रपोजल भेजा गया था, उसमें सीआरपीएफ सिक्योरिटी विंग के उन अधिकारियों और जवानों को उनके मूल वेतन का 40 फीसदी 'स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस' देने की मांग की गई थी। हालांकि बाद में यह भी कहा गया कि जो अधिकारी या जवान वीआईपी ड्यूटी पर हैं, उन्हें 40 फीसदी और जो दफ्तर में कार्यरत हैं, उन्हें बीस फीसदी भत्ता दे दिया जाए। एसपीजी में तैनात कर्मियों को 'स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस', उनके मूल वेतन का 55 प्रतिशत तक मिलता है। इस बाबत अभी तक कोई आदेश जारी नहीं हो सका है। 


संसद में उठा मामला तो मिला ये जवाब ... 
संसद के मौजूदा सत्र में लोकसभा सांसद असादुद्दीन ओवैसी ने पूछा, क्या सीआरपीएफ सहित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से एसपीजी, एनएसजी आदि में वीवीआईपी ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को विशेष भत्ता मिल रहा है। सरकार इस बाबत कोई कदम उठा रही है। गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया, एसपीजी व एनएसजी में तैनात सीएपीएफ कार्मिकों को विशेष सुरक्षा भत्ता मिल रहा है। तथापि वीआईपी सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ जवानों को विशेष भत्ता नहीं मिलता। वजह, सीआरपीएफ के वीआईपी सुरक्षा विंग निदेशालय का गठन एक जून 2020 को तदर्थ आधार पर किया गया था। इसके चलते उन्हें 'विशेष सुरक्षा भत्ता' प्रदान करने के मामले में 7वें केंद्रीय वित्त आयोग द्वारा विचार नहीं किया जा सका। इसका दिनांक 31 जनवरी 2023 से ही नियमितीकरण हुआ है। सीआरपीएफ के वीआईपी सुरक्षा विंग के कार्मिकों को विशेष सुरक्षा भत्ता प्रदान करने के लिए बल का एक प्रस्ताव विचाराधीन है। 

भत्ता बढ़ता है तो नए कमांडो सिक्योरिटी विंग में आएंगे ... 
बल के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि सिक्योरिटी विंग में कार्यरत जांबाजों का भत्ता बढ़ाया जाना चाहिए। अगर यहां उन्हें कोई प्रोत्साहन नहीं मिलेगा, तो नए कमांडो का वीआईपी ड्यूटी में आने के लिए उत्साह खत्म हो जाएगा। केंद्र सरकार को 'वीआईपी' ड्यूटी में तैनात जवानों और अफसरों को उनके मूल वेतन का 40 फीसदी 'स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस' मिलना चाहिए। इसके लिए दोबारा से केंद्रीय गृह मंत्रालय से आग्रह किया जाएगा। सीआरपीएफ कमांडो को कोई खास टीए/डीए भी नहीं मिलता। यह भत्ता मुश्किल से तीन चार हजार रुपये तक सिमट जाता है। जोखिम वाले इलाकों में तैनात बल के जवानों को रिस्क अलाउंस भी मिलता है। अगर सीआरपीएफ की वीआईपी सुरक्षा विंग को 'स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस' दिया जाता है, तो बल के अन्य कमांडो भी इस ओर आने के लिए प्रेरित होंगे। 

सीआरपीएफ सुरक्षा कवच वाले प्रमुख वीआईपी ...  
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पूर्व पीएम डा. मनमोहन सिंह एवं उनकी पत्नी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा सांसद राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, उद्योगपति मुकेश अंबानी, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा, स्वामी रामदेव, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और सांसद असदुद्दीन ओवैसी सहित 115 से ज्यादा वीवीआईपी को सीआरपीएफ द्वारा सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है। सीआरपीएफ की विभिन्न सुरक्षा श्रेणियों में जेड प्लस सुरक्षा के अलावा एक्स, वाई, वाई प्लस और जेड श्रेणी के तहत भी अनेक लोगों को बल की सुरक्षा प्रदान की गई है। 

कमांडो को दी जा रही है इस तरह की ट्रेनिंग ... 
नक्सलियों, आतंकियों से लड़ने, वीवीआईपी सुरक्षा और दूसरे बड़े ऑपरेशनों के लिए इस विशिष्ट फोर्स को खास तरह की ट्रेनिंग दी गई है। हथियार, वर्दी एवं तकनीकी उपकरणों के मामले में भी 'कोबरा' दूसरे सभी बलों से पूरी तरह अलग हैं। बिना किसी मदद के लगातार डेढ़ सप्ताह तक जंगलों में लड़ते रहना इस फोर्स की खासियत है। अमेरिकी मरीन कमांडो बिना किसी मदद के जंगल में लगातार तीन रातों तक लड़ सकते हैं, लेकिन सीआरपीएफ के हर कोबरा कमांडो के लिए ट्रेनिंग के दौरान सात दिन तक जंगल में लड़ने की परीक्षा पास करना अनिवार्य है। कई साल पहले कोबरा ने सारंडा (झारखंड) के घने जंगलों में 11 दिनों तक बिना किसी सहायता के एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया था। वजन लेकर घने जंगल में नियमित रूप से लड़ते रहने का रिकॉर्ड ब्रिटेन के विशिष्ट कमांडो दस्ते 'एसएएस' के नाम पर है। यह दस्ता 30 किलो वजन उठाकर दस रातें जंगल में गुजार सकता है, जबकि कोबरा 23 किलो वजन के साथ 11 रातों तक गहन जंगल से गुजरने में समर्थ हैं।
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