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फास्टैग लाने के बाद अब राजमार्गों से हटेंगे स्पीड ब्रेकर, बचेगा गाड़ियों का ईंधन

Wed, 08 Jan 2020 02:14 AM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Wed, 08 Jan 2020 02:14 AM IST
सार

  • 15 दिसंबर, 2019 से देशभर में लागू है फास्टैग प्रणाली
  • सुगम और ब्रेकर फ्री होगा सड़क यातायात, बचेगा ईंधन

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Speed breakers will now be removed from highways after bringing fastag
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

फास्टैग प्रणाली लागू होने के बाद अब देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) से सड़क सुरक्षा में बाधक बन रहे स्पीड ब्रेकर को हटाने की तैयारी है। सड़क यातायात को सुगम और ब्रेकर फ्री बनाने के लिए खासतौर से टोल प्लाजा पर बने स्पीड ब्रेकर या रंबल स्ट्रीप (गतिरोधक पट्टियां) हटाएं जाएंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसके लिए अभियान शुरू कर दिया है। 

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मंत्रालय के प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों के सभी टोल प्लाजा पर नकदी लेन को भी फास्टैग लेन में तब्दील किया जा चुका है। ऐसे में वहां स्पीड ब्रेकर या रंबल स्ट्रीप का होना बाधा रहित यातायात के लिए घातक है। इससे वाहनों में पीछे से टक्कर लगने की आशंका बढ़ जाती है, जिसमें यात्रियों की जान चली जाती है। इसके अलावा, यात्रियों की रीढ़ की हड्डी चोटिल होने का खतरा बना रहता है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए सरकार ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्रधिकारण (एनएचएआई) के क्षेत्राधिकार वाले सड़कों से स्पीड ब्रेकर हटाने का फैसला किया है। इससे वाहनों की सामान्य गति सुनिश्चित हो पाएगी। 
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बड़ी संख्या में हैं अवैध स्पीड ब्रेकर
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग रफ्तार के लिए बनाए जाते हैं। हालांकि, इंडियन रोड कांग्रेस के नियमों के तहत रेलवे क्रॉसिंग, स्कूल, अस्पताल और पुलिया से पहले तय मानकों के अनुरूप स्पीड ब्रेकर बनाने का प्रावधान है, लेकिन स्थानीय लोगों के दबाव में देशभर में बड़ी संख्या में अवैध स्पीड ब्रेकर बना दिए गए हैं। कई स्थानों पर ब्रेकर इतने ऊंचे हैं कि उससे वाहनों के एक्सल तक टूट जाते हैं। इसके अलावा, अचानक ब्रेक लगने से पीछे से तेजी से आ रहे वाहनों की टक्कर की आशंका बनी रहती है। 
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फैसले से होंगे कई फायदे
परिवहन मंत्रालय का कहना है कि सड़कों की श्रेणी के हिसाब से उसकी डिजाइनिंग होती है। सड़क डिजाइनिंग के अनुसार ही स्पीड ब्रेकर बनाने आदि का प्रावधान किया जाता है। राष्ट्रीय राजमार्गों को इस तरह डिजाइन किया गया है ताकि वाहन बिने किसी अवरोध के तीव्र गति से चल सकें। मंत्रालय का मानना है कि स्पीड ब्रेकर या रंबल स्ट्रीप हटाए जाने के कई फायदे होंगे। सबसे बड़ा फायदा ईंधन की बचत है। वाहनों की गति तेज या धीमी करते समय गति अवरोधक काफी दिक्कत पैदा करते हैं, जिससे ईंधन खपत भी ज्यादा होती है। 


40 फीसदी हादसों के लिए स्पीड ब्रेकर जिम्मेदार
एक अध्ययन में पाया गया है कि देश में हर साल जितने भी सड़क हादसे होते हैं, उनमें 40 फीसदी दुर्घटनाएं स्पीड ब्रेकर के कारण होती हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश में स्पीड ब्रेकर से प्रतिदिन करीब 10 लोगों की मौत होती है। 2015 में देशभर में स्पीड ब्रेकर की वजह से करीब 11,084 हादसे हुए, जिनमें से 3,409 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 2014 में इसके कारण कुल 11,008 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 3,633 लोगों को मौत हो गई थी। 

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